हिंदी सिनेमा की महान पार्श्व गायिका आशा भोसले भले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज़ और अमर गीत सदैव श्रोताओं के दिलों में गूंजते रहेंगे। गुरुवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान सदन में उनके सम्मान में कुछ क्षणों का मौन भी रखा गया।
सदन की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, आशा भोसले हिंदी सिनेमा की बहुमुखी प्रतिभाओं में से एक थीं। उन्होंने भारतीय सिनेमा और संगीत जगत को अपने असाधारण योगदान से समृद्ध किया। अपने लंबे और गौरवपूर्ण करियर में उन्होंने विभिन्न भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में गीत गाकर न केवल देश, बल्कि विश्वभर में अपार लोकप्रियता हासिल की।
उन्होंने आगे कहा कि आशा भोसले ने सात दशकों से अधिक समय तक भारतीय संगीत और फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। साथ ही, उन्हें दादा साहब फाल्‍के से भी नवाजा गया, जो भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है।
उल्लेखनीय है कि आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को ब्रीच केंडी अस्‍पताल में हुआ था। उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। 13 अप्रैल को मुंबई में उन्हें पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।करीब 11,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज़ देने वाली आशा भोसले ने हिंदी सिनेमा को अनगिनत सदाबहार गीत दिए, जो आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं।
उनके निधन को संगीत जगत ने एक युग का अंत बताया है। कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने इसे अपूरणीय क्षति करार दिया। इस अवसर पर सदन में अन्य दिवंगत सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक सहित अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा हुई, जिनमें प्रस्तावित परिसीमन विधेयक 2026 विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। 
-Legend News

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