रिपोर्ट : LegendNews
NCERT के नए चैप्टर में गजनवी की क्रूरता का विस्तृत ब्यौरा, 7वीं कक्षा के बच्चे करेंगे अध्ययन
महमूद गजनवी ने भारत पर पर कितनी बार हमले किए, कितनी बार खजाने लूटे, कितने मंदिर तोड़े... NCERT ने नया चैप्टर खोल दिया है, जिसे 7वीं क्लास के स्टूडेंट्स पढ़ेंगे। हाल ही में रिलीज हुई NCERT 7वीं क्लास की सोशल साइंस की नई किताब में 'गजनवी हमलों' वाले सेक्शन को काफी बढ़ाया गया है, जिससे स्टूडेंट्स को महमूद गजनवी के बारे में डिटेल में जानकारी मिलेगी।
7वीं क्लास की नई किताब 'समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे पार्ट-2' में NCERT द्वारा अपडेट किया गया एडिशन महमूद गजनवी की तबाही और लूटपाट को बताया है। साथ ही इस्लाम के अपने वर्शन को गैर-मुस्लिम इलाकों में फैलाने की उसकी कोशिशों पर भी रोशनी डालता है, जो पिछली किताब की तुलना में बहुत बड़ा नजरिया देता है। पहले उसके बारे में सिर्फ एक छोटा पैराग्राफ था।
महमूद गजनवी ने भारत पर कितने हमले किए?
नई किताब में बताया गया है कि महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार हमला किया। हर बार वह भारत के शहरों को लूटकर, खजाना लेकर वापस लौट जाता था। बुक में मथुरा, कन्नौज और सोमनाथ में गजनवी की लूट और विनाश के बारे में बताया गया है।
गजनवी ने मंदिरों को बनाया निशान
7वीं क्लास की नई बुक में लिखा है कि उसने पावर बढ़ाने और दौलत इकट्ठा करने के लिए मंदिरों को निशाना बनाया था। 'गजनवी हमले' नाम का नया सेक्शन छह पेज का है, जिसमें इलस्ट्रेशन और जानकारी वाले बॉक्स हैं। इसमें मथुरा, कन्नौज और गुजरात के सोमनाथ मंदिर में महमूद के अभियानों की डिटेल में जानकारी दी गई है।
बुक में यह भी बताया गया है कि आज का सोमनाथ मंदिर 1950 में फिर से बनाया गया था और प्रेसिडेंट राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया था, जिससे स्टूडेंट्स को यह सोचने का मौका मिला कि इसके दोबारा बनाने के लिए जनता के डोनेशन का इस्तेमाल क्यों किया गया था।
हिंसा और धार्मिक वजहें
बुक महमूद के हमलों के क्रूर नतीजों के बारे में बताने से नहीं हिचकिचाती। इसमें 'हजारों आम लोगों के कत्लेआम' और कैदियों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, को पकड़ने का जिक्र है, जिन्हें सेंट्रल एशिया के गुलाम बाजारों में बेच दिया गया था। बायोग्राफर महमूद को एक ताकतवर लेकिन बेरहम सेनापति के तौर पर दिखाते हैं, जो न सिर्फ हिंदू, बौद्ध और जैन जैसे गैर-मुसलमानों को बल्कि दूसरे इस्लामिक पंथों को भी निशाना बनाता था।
आज के सोर्स जिसमें उसके दरबारी इतिहासकार अल-उतबी भी शामिल हैं, बताते हैं कि महमूद ने मंदिरों और पवित्र इमारतों को तोड़ दिया, बच्चों और जानवरों को लूट के तौर पर ले गया, और जीते हुए इलाकों में 'इस्लाम को बढ़ाने' के लिए मस्जिदें बनवाईं। इसमें अल-बिरूनी का भी जिक्र है, जिसमें सोमनाथ शिवलिंग को तोड़ने और मूर्ति के कुछ हिस्सों को गजनी ले जाने के बारे में बताया गया है।
स्टूडेंट्स के लिए सावधानी वाला नोट
गजनवी हमलों के बारे में बताने से पहले, टेक्स्टबुक में 'सावधानी का एक शब्द' टाइटल वाला एक बॉक्स है, जो दिल्ली सल्तनत पर क्लास 8 की किताब के 'इतिहास के बुरे दौर पर नोट' जैसा है। नोट में बताया गया है कि इतिहास अक्सर शांति, अच्छे शासन या सांस्कृतिक उपलब्धियों के समय से ज्यादा युद्धों, जीत और तबाही को दर्ज करता है। यानी हम पिछली घटनाओं को मिटा नहीं सकते, लेकिन उनका एनालिसिस करने से उनके कारणों को समझने में मदद मिलती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। खास बात यह है कि यह साफ करता है कि आज किसी को भी सदियों पहले किए गए कामों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
बता दें कि 7वीं क्लास की नई बुक NCERT के अपडेटेड लर्निंग मटीरियल के रोलआउट का हिस्सा हैं, जो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के साथ अलाइन हैं। पहले क्लास 7 के स्टूडेंट्स हिस्ट्री, सिविक्स और जियोग्राफी के लिए तीन अलग-अलग टेक्स्टबुक्स इस्तेमाल करते थे, लेकिन नए करिकुलम में इन सब्जेक्ट्स को मौजूदा एकेडमिक सेशन के लिए दो पूरी टेक्स्टबुक्स में मिला दिया गया है। NCERT के डायरेक्टर दिनेश सकलानी ने कहा कि कंटेंट खुद ही समझने लायक है, जो स्टूडेंट्स को भारत के ऐतिहासिक डेवलपमेंट की बैलेंस्ड और डिटेल्ड समझ देने के इरादे को दिखाता है।
-Legend News

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