हिंदी दिवस यानी 14 सितंबर के मौके पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अब हिंदी में एक नई पब्लिक इन्फॉर्मेशन सर्विस (जन-सूचना सेवा) शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत, चुने हुए अहम फैसलों और आदेशों का आसान हिंदी सारांश उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मुख्य फैसलों को समझाने के लिए रोज़ाना 15-30 मिनट के ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे। हिंदी दिवस पर घोषित इस पहल का मकसद सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों और उनके असर को आम नागरिकों और मुकदमेबाजों तक आसानी से पहुंचाना है, खासकर उन लोगों तक जिन्हें लंबे कानूनी दस्तावेज पढ़ने या समझने में मुश्किल होती है। 
एक प्रेस बयान में कहा गया है कि जरूरी इंतजाम पूरे होने के बाद जल्द ही यह हिंदी सेवा शुरू कर दी जाएगी। हर सारांश के साथ संबंधित आधिकारिक फैसले या आदेश का लिंक भी दिया जाएगा, ताकि यूज़र्स कोर्ट के असली दस्तावेज तक पहुंच सकें। ऑडियो और वीडियो बुलेटिन का मकसद अहम फैसलों, उनके असर और उनसे जुड़ी आगे की कार्रवाई को समझने का आसान जरिया उपलब्ध कराना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पहल से दिव्यांग लोगों को भी फायदा होगा। शीर्ष अदालत ने न्याय तक पहुंच को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से हिंदी में नई 'जन सूचना सेवा' शुरू करने की ये घोषणा की है। 
अन्य भारतीय भाषाओं में भी होगी उपलब्ध
विज्ञप्ति के अनुसार, ''इसका उद्देश्य न्याय तक पहुंच को अधिक समावेशी बनाना और भारतीय भाषाओं को दिए जाने वाले सम्मान को न्यायिक सूचनाओं के सार्वजनिक प्रसार से जोड़ना है। सरल भाषा के साथ ऑडियो और वीडियो प्रारूप का इस्तेमाल उन लोगों के लिए भी उपयोगी होगा, जिन्हें लंबे कानूनी दस्तावेज पढ़ने या समझने में कठिनाई होती है।'' यह सेवा शुरुआत में हिंदी में उपलब्ध होगी और जल्द ही चरणबद्ध तरीके से इसे अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने के लिए काम शुरू किया जाएगा। 
इस पहल का मकसद क्या?
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस पहल का मकसद भारतीय भाषाओं के सम्मान और पहचान को न्यायिक जन-सूचना से जोड़ना और न्याय तक पहुँच को और आसान बनाने के व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ाना भी है। साथ ही यह पहल देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों को उच्चतम न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़ी संक्षिप्त और आसानी से समझ आने वाली जानकारी अपनी-अपनी भाषाओं में हासिल करने में सक्षम बनाएगी। 
-Legend News

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