सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना का राजनीतिक दलों द्वारा विरोध भी जारी है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने इस योजना पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या ये शिक्षित युवाओं के लिए मनरेगा है? तेजस्वी यादव ने कहा, "क्या ये योजना शिक्षित युवाओं के लिए मनरेगा है या आरएसएस का छिपा हुआ एजेंडा है. वन रैंक वन पेंशन के बजाय नो रैंक नो पेंशन लाया गया. अगर बीजेपी को ठेकेदारी प्रथा इतनी पसंद है तो बीजेपी के मंत्री अपने बच्चों को सरकारी नौकरी से इस्तीफ़ा दिलवा दें." आरजेडी नेता ने कहा, "केंद्र सरकार बताए कि चार साल के लिए बहाल होने वाले युवकों को नियमित रूप से सेना में भर्ती होने वाले युवकों की ही तरह नियमित छुट्टी मिलेगी. इस योजना में सिर्फ सैनिक को 4 साल के लिए क्यों रखा जा रहा है, बड़े अफसर को भी रखा जाए." प्रशांत किशोर ने भी दी प्रतिक्रिया चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सेना में भर्ती के लिए आई अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पर टिप्पणी की है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि अग्निपथ पर आंदोलन होना चाहिए, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ नहीं. प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, "बिहार की जनता जेडीयू और बीजेपी के आपसी तनातनी का ख़ामियाज़ा भुगत रही है. बिहार जल रहा है और दोनों दल के नेता मामले को सुलझाने की बजाय एक- दूसरे पर छींटाकशी और आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त हैं." इसी सप्ताह तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए नई अग्निपथ योजना का एलान हुआ था. इसके तहत साढ़े 17 साल से 21 साल तक के युवाओं को सेना में चार के लिए सेवा का मौका मिलेगा. हालाँकि, इस योजना के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन हो रहा है. बिहार में कई जगह ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया है. -एजेंसियां

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