नई दिल्‍ली। अग्निपथ योजना पर सरकार लगातार आगे बढ़ रही है। इसी संदर्भ में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस कड़ी में शनिवार को तीन सेना प्रमुखों के साथ बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शनिवार को सीएपीएफ और असम राइफल्स की भर्ती में अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण की घोषणा के तुरंत बाद रक्षा मंत्री और सेवा प्रमुखों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। तीनों सेना प्रमुखों ने उस योजना के बारे में विश्वास व्यक्त किया है जिसके माध्यम से युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना, नौसेना और वायु सेना में भर्ती किया जाएगा। चार साल के अंत में, उनमें से 25% को बरकरार रखा जाएगा जबकि बाकी को उनके भविष्य के लिए सहायता दी जाएगी। योजना की सही जानकारी जरूरी, सेना प्रमुखों का बयान वायुसेना प्रमुख मार्शल विवेक राम चौधरी ने शनिवार को कहा कि अग्निपथ का विरोध कर रहे युवाओं को सही जानकारी हासिल करनी चाहिए और योजना को पूरी तरह से समझना चाहिए। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि यह योजना युवाओं को एक अवसर प्रदान करेगी और चल रहे प्रतिरोध के कारण उन्हें ठीक से सूचित नहीं किया गया है। वहीं, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि विरोध की उम्मीद नहीं थी और अग्निपथ योजना भारतीय सेना में सबसे बड़ा मानव संसाधन प्रबंधन परिवर्तन है। रक्षा मंत्री की सेना प्रमुखों के साथ यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वक्त अग्निपथ स्कीम के खिलाफ देशभर के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। अग्निपथ स्कीम के खिलाफ आग 13 राज्यों में फैल चुकी है। पिछले तीन दिनों में देश के कई हिस्सों में युवाओं द्वारा तीव्र विरोध प्रदर्शन देखा गया है पक्षी दलों ने सरकार से इस योजना को वापस लेने का आग्रह किया हैऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएटेड ने शनिवार को 24 घंटे के लिए बिहार बंद करने का ऐलान किया है। बिहार इस वक्त अग्निपथ स्कीम के खिलाफ विरोध का केंद्र रहा है। - एजेंसी

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