WTC का फाइनल हारने के बाद भारतीय टीम में बड़े बदलावों का संकेत

नई दिल्‍ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल गंवाने के बाद चौतरफा घिरी भारतीय टीम में कई बड़े बदलाव होने के संकेत मिले हैं।
भले ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खत्म हो चुका हो, लेकिन टीम इंडिया की इंग्लैंड में चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। मेजबानों के खिलाफ उसे पांच टेस्ट मैच की लंबी सीरीज खेलनी है, जिसकी शुरुआत चार अगस्त से नॉटिंघम में होनी है। इस बीच भारतीय खिलाड़ियों को 40 दिन की लंबी छुट्टी भी मिली है।
फिर नहीं खेलेंगे कोई अभ्यास मैच
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत की हार का बड़ा कारण प्रैक्टिस मैच की कमी रही। न्यूजीलैंड ने जहां इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलकर अपनी तैयारियां पुख्ता की तो टीम इंडिया को एक अभ्यास मैच तक नसीब नहीं हुआ। अब करारी शिकस्त के बाद होश में आए बीसीसीआई ने ईसीबी से कुछ अभ्यास मैच कराने का अनुरोध किया था, लेकिन कोविड-19 हालात के कारण इस तरह की योजना को पूरा करना मुश्किल होगा। मजबूरन अब डरहम में रिवरसाइड मैदान पर ही भारतीय स्क्वॉड आपस में ही मुकाबले खेलेगी।
टॉप आर्डर पूरी तरह फेल
शुभमन गिल ने पिछली सात पारियों में 0, 14, 11, 15*, 0, 28, 8 के स्कोर से कुल 76 रन ही बनाए हैं। संकटमोचक कहलाए जाने वाले पुजारा अब खुद टीम के लिए संकट बन चुके हैं। नंबर तीन पर खेलने वाला यह बल्लेबाज बीती 35 पारियों में एक शतक तक नहीं लगा सका। साल 2020 में कोहली ने सिर्फ 19.33 की औसत से रन बनाए। इस साल भी 28.63 की एवरेज ही है। रहाणे भी बेरंग नजर आ रहे। भले ही ऋषभ पंत एक टैलेंटेड विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उभरे हो, लेकिन वह लापरवाही से बाज नहीं आ पा रहे। अब चर्चा है कि कप्तान कोहली नंबर तीन पर मोर्चा संभाल सकते हैं। हनुमा विहारी और केएल राहुल की मध्यक्रम में जगह बनती दिख रही है। सूत्रों की माने तो दोनों में से कोई एक पुजारा की जगह लेगा। टेस्ट स्पेशलिस्ट के लिए संदेश साफ है कि अपनी एप्रोच बदलिए या फिर रास्ता नापिए।
बेरंग हैं भारतीय बॉलर्स
दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज माने जाने वाले जसप्रीत बुमराह घटिया फॉर्म से गुजर रहे हैं। सर्जरी के बाद उनकी वह धार कुंद पड़ती जा रही, जिसके लिए मशहूर थे। जस्सी अपनी लैंथ ही नहीं पकड़ पा रहे। अपनी समस्या सुलझाने के लिए उनके पास लगभग पांच हफ्ते का वक्त है। चोटों से जूझते शरीर के साथ ईशांत शर्मा टेस्ट क्रिकेट में करीब 14 साल गुजार चुके हैं। महज 32 साल की उम्र में वह अब अपने करियर के आखिरी स्टेज पर ही दिखते हैं। मोहम्मद शमी ने जरूर जादू चलाया, लेकिन इस फाइनल में वह बुरी तरह थक चुके थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया को यह एहसास हो चुका होगा कि इंग्लैंड के साथ चार पेसर्स को ही आक्रमण करना होगा। उम्मीद है कि मोहम्मद सिराज इंग्लैंड के खिलाफ हर टेस्ट खेलेंगे और 24 वर्षीय यंग पेसर आवेश खान को जल्द या बाद में अंतिम 11 में शामिल किया जाएगा। वास्तव में, सिराज का डब्ल्यूटीसी फाइनल नहीं खेलना, एक ‘अवसर चूक’ के रूप में देखा जा रहा है। टीम प्रबंधन तो शार्दुल ठाकुर को भी बतौर ऑलराउंडर इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है।
-एजेंसियां

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