शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने ओवैसी को बीजेपी का अंडरगारमेंट बताया

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में ओवैसी पर जमकर हमला बोला गया है। ‘सामना’ संपादकीय में ओवैसी को बीजेपी का अंडरगारमेंट बताया गया है। दरससल, ओवैसी की सभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने से शिवसेना खफा है।
‘सामना’ में लिखा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव होने तक क्या-क्या देखना पड़ेगा, कराया जाएगा, ये कहा नहीं जा सकता। बीजेपी की सफल यात्रा के परदे के पीछे के सूत्रधार मियां असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी बेहतरीन ढंग से काम में जुटी नजर आ रही है।
‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे
‘सामना’ में लिखा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव के मौके पर जातीय, धार्मिक विद्वेष निर्माण करने की पूरी तैयारी ओवैसी महाशय ने कर ली है, ऐसा नजर आ रहा है। दो दिन पहले ओवैसी के प्रयागराज से लखनऊ जाने के दौरान रास्ते में उनके समर्थक जुट गए और उन्होंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
इतने दिन उत्तर प्रदेश में इस तरह की नारेबाजी का ब्योरा दर्ज नहीं है परंतु उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मौके पर ओवैसी आते क्या हैं, जगह-जगह भड़काऊ भाषण क्या देते हैं, अपने निरंकुश समर्थकों को उकसाते क्या हैं और फिर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ की नारेबाजी क्या शुरू होती है। यह पूरा मामला योजनाबद्ध ढंग से लिखी गई पटकथा की तरह ही चलने का संदेह दृढ़ हो रहा है।
बंगाल में भी ओवैसी की गंदी राजनीति
‘सामना’ ने लिखा है कि ओवैसी पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की गंदी राजनीति कर रहे थे। ममता बनर्जी की पराजय हो, इसके लिए मुसलमानों को भड़काने का उन्होंने हरसंभव प्रयास किया।
परंतु बंगाल में हिंदू और मुसलमान आदि सभी ने ममता बनर्जी को खुलकर मतदान किया तथा ओवैसी की गलिच्छ राजनीति को साफ दुत्कार दिया। बिहार में ओवैसी ने जो शरारत की, उससे तेजस्वी यादव मामूली अंतर से हार गए।
योगी और मोदी पर तंज
‘सामना’ ने लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में जाकर धर्मांधता, आतंकवाद, अलगाववाद आदि पर जोरदार भाषण दिया और इसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम ही है।
परंतु उसी दौरान हमारे ही देश में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाते हैं, इसे क्या कहा जाए? मोदी, योगी जैसे प्रखर राष्ट्रभक्त हिंदूवादी नेता राज्य व देश की सत्ता में हैं, इसे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाले भूल गए हैं।
-एजेंसियां

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