शिवसेना का राज ठाकरे को जवाब: उनके लिए शराब भी खाने की थाली जितनी जरूरी

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना MNS के चीफ राज ठाकरे ने मांग की है कि राज्य में शराब के ठेके फिर से खोल दिए जाएं। उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर कहा था कि इस कदम से राज्य को राजस्व मिलेगा। अब शिवसेना ने राज ठाकरे की मांग पर कहा है कि उनके लिए शराब भी खाने की थाली जितनी जरूरी है। शिवसेना ने यह भी कहा है कि राज ठाकरे को पता होना चाहिए कि सिर्फ शराब बेचने से कमाई नहीं होती है। शिवसेना ने यह भी पूछ है कि राज ठाकरे को राजस्व की चिंता है या शराबियों की।
दरअसल, राज ठाकरे ने सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर मांग की थी कि राजस्व घाटे की पूर्ति के लिए राज्य में शराब के ठेके खोल दिए जाएं। अब उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने राज ठाकरे पर तंज कसा है।
‘सामना’ के जरिए शिवसेना ने पूछा है कि क्या राज ठाकरे सचमुच राजस्व के लिए चिंतित हैं?
उन्हें पता होना चाहिए कि सिर्फ लॉकडाउन के कारण सिर्फ शराब की दुकानें ही नहीं, बल्कि फैक्ट्रियां भी बंद हैं।
‘फैक्ट्रियां खुलीं तो नहीं हो पाएगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन’
‘सामना’ में आगे लिखा गया है, ‘सिर्फ दुकानें खोलने से राजस्व नहीं आता है। राज्य को एक्साइज और सेल्स टैक्स तब मिलता है, जब कोई डिस्ट्रीब्यूटर फैक्ट्री से कोई प्रोडक्ट खरीदता है। इन यूनिट्स को शुरू करने के लिए मजदूरों की जरूरत है। अगर फैक्ट्रियां खोली जाती हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सकेगा।’
हालांकि, राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी में यह भी कहा था कि इस मांग का मतलब यह नहीं है कि वह शराबियों की तरफदारी कर रहे हैं बल्कि उनकी नजर में इससे राजस्व की पूर्ति होगी और मुश्किल समय में इससे मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी मांग की थी कि महाराष्ट्र में होटल और किचेन को भी शुरू किया जाए क्योंकि राज्य में बहुत सारे लोग बाहर के खाने पर निर्भर हैं।
‘राज ठाकरे के लिए खाने की प्लेट की तरह क्वार्टर और पेग भी जरूरी’
राज ठाकरे की इसी चिट्ठी में की गई मांग पर शिवेसना ने उनका मजाक उड़ाया है। शिवेसना ने कहा है, ‘अपनी इस मांग से राज ठाकरे ने सरकार को यह बताया है कि खाने की तरह ही शराब भी एक जरूरी सामान है। उन्होंने काफी अमूल्य जानकारी दी है कि खाने की प्लेट भी क्वार्टर और पेग की तरह ही बहुत जरूरी है।’ शिवसेना ने यह भी पूछा कि राज ठाकरे को सचमुच राजस्व की चिंता है या फिर वह शराबियों की तरफदारी ही कर रहे हैं।
विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम लिए बिना शिवेसना ने कहा है, ‘विपक्षी नेताओं को राज्य सरकार को यह सलाह देनी चाहिए कि मुश्किल वक्त में आर्थिक हालात कैसे सुधारें जाएं लेकिन नेता विपक्ष अभी तक ऐसा कुछ नहीं कर पाए हैं।’ राज ठाकरे पर तंज कसते हुए शिवसेना ने कहा है, ‘उन्होंने गरीबों और असहायों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया है और इसके लिए गरीब उन्हें दुआ देंगे लेकिन सरकार को हर परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लेना होगा।’
-एजेंसियां

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