श्रीकृष्‍ण-जन्मभूमि पर मनाया गया शरद्पूर्णिमा महोत्सव

मथुरा। श्रीकृष्‍ण-जन्मभूमि का परंपरागत शरद महोत्सव आज बुधवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर भव्यता एवं दिव्यता से मनाया गया। श्रीकृष्‍ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के तत्वावधान में श्रीकृष्‍ण सेवा मण्डल के विश‍िष्‍ट सहयोग एवं अथक प्रयासों से यह आयोजन संपन्‍न हुआ।

श्रीकृष्‍ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर भगवान श्रीकेशवदेव जी के निज गर्भगृह को चन्द्रलोक का स्वरूप प्रदान किया गया। चन्द्रलोक में विराजमान श्रीठाकुरजी के श्रीविग्रह के दर्शन से श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभूति हो रही थी।

प्रातः 9.15 बजे भगवान श्रीगिरिराज जी महाराज का पंचामृत महाभिषेक हुआ। महाभिषेक में सम्मिलित हजारों श्रद्धालुआं ने ठाकुरजी के अनुपम अलौकिक दर्शन तो प्राप्त किये, साथ ही ब्रज के रसिक भक्तजन द्वारा प्रस्तुत सुन्दर भजन गायन का आनन्द भी लिया। दिव्य पंचामृत अभिषेक और अद्भुत भजन गायन से अभिभूत होकर श्रद्धालु उद्दाम नृत्य कर रहे थे।
प्रातः 9 बजे से ही जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं को दुग्ध-खीर भोग वितरित किया गया जो देर रात्रि 11 बजे तक चलता रहा। दोपहर 11.30 बजे से खीर, मालपुआ, मिष्‍ठान आदि का दिव्य भण्डारा भी हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद रूप में प्राप्त किया।

सांयकाल 5 बजे भगवान को छप्पनभोग अर्प‍ित किये गये। छप्पनभोग के मध्य विराजमान ठाकुरजी का स्वरूप अत्यन्त मनोहारी लग रहा था। ठाकुरजी को अर्प‍ित छप्पनभोग प्रसाद रात्रि 9 बजे से श्रद्धालुओं को वृहद मात्रा में वितरित किया गया। गर्भर्- गृह स्थित श्रीकृष्‍ण चबूतरा पर भव्य महारास लीला प्रदर्शन किया गया। ज्ञातव्य है कि वर्ष में मात्र शरद पूर्णिमा पर ही गर्भ-गृह के चबूतरे पर ठाकुरजी महारास की लीला करते हैं।

संस्थान की प्रबंध समिति के सदस्य श्री गोपेश्‍वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्‍ण चबूतरे पर दूधिया प्रकाश से आच्छादित पूर्णचन्द्र की दिव्य चांदनी से अभिसिक्त वातावरण में भगवान श्रीराधाकृष्‍ण युगल सरकार की महारास लीला स्थानीय एवं बाहर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र रही।

इससे पूर्व ब्रज के रसिक भक्तों ने ठाकुरजी के सुन्दर भजन और पदों का सस्वर गायन श्रीकृष्‍ण चबूतरा पर किया जिसे सुनकर श्रद्धालु अभिभूत हो उठे।
इस वर्ष गौलोकवासी सुरेशचन्द्र अग्रवाल की भावमयी स्मृति एवं श्रीठाकुरजी के प्रति उनके भाव के अनुरूप दिव्य पोशाक, पुष्‍प-बंगला, मंदिर की साज-सज्जा, सन्त-वैष्‍णव सेवा श्रीसुरेशचन्द्र अग्रवाल मैमोरियल ट्रस्ट के माध्यम से उनके सुपुत्र सुनील अग्रवाल के द्वारा ठाकुरजी को अर्प‍ित की गयी।

इस आयोजन को भव्य और भावमय बनाने के लिए श्रीकृष्‍ण सेवा मण्डल के अतुल शोरावाला, प्रदीप चौधरी, मुरारीलाल शर्मा, बनवारीलाल जैन, नवीन तायल, प्रदीप गुप्ता, ओमप्रकाश पाण्डे एवं राजीव बिन्दल का विश‍िष्‍ट सहयोग रहा।
– Legend news

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