CAA पर संघ की सीख, अधिकारों के साथ कर्तव्य पालन भी करें

गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS के सर संघचालक मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर नागरिकता संशोधन कानून CAA का विरोध कर रहे लोगों को इशारों ही इशारों में नसीहत दे डाली।
उन्‍होंने कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को राजा बनाया है। राजा के पास अधिकार हैं लेकिन अधिकारों के साथ सब अपने कर्तव्य और अनुशासन का भी पालन करें।
भागवत ने रविवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर गोरखपुर के बिलन्दपुर खत्ता स्थित नगर निगम मैदान में तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र गान के बाद भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस मौके पर उन्‍होंने कहा, ‘संविधान ने देश के हर नागरिक को राजा बनाया है। राजा के पास अधिकार हैं लेकिन अधिकारों के साथ सब अपने कर्तव्य और अनुशासन का भी पालन करें। तभी देश को स्वतंत्र कराने वाले क्रांतिकारियों के सपनों के अनुरूप भारत का निर्माण होगा।’
गोरखपुर में 23 जनवरी से हैं भागवत
संघ प्रमुख मोहन भागवत गोरखपुर में 23 जनवरी से हैं। वह यहां पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय प्रचारकों के साथ बैठक कर पूरे साल भर के कार्यक्रम का खाका तैयार कर रहे हैं। पिछले दो दिनों की बैठक में पहले दिन सह सरसंघचालक दत्तात्रेय होशबोले ने कुटुम्ब प्रबोधन और सामाजिक समरसता पर वक्तव्य दिया था। दूसरे दिन सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वंयसेवकों और प्रचारकों का मार्गदर्शन किया था।
आज तीसरे दिन भागवत ने तिरंगा झंडा फहराया। इस दौरान उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में आये छात्र छात्राओं और स्वयंसेवकों को संबोधित किया। ज्ञात रहे कि सरसंघचालक विचार परिवार के सदस्यों और शहर के कुछ गणमान्य नागरिकों से मुलाकात भी करेंगे। RSS पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की पांच दिवसीय बैठक के लिए संघ प्रमुख 23 जनवरी से गोरखपुर में प्रवास कर रहे हैं।
भारत में कभी नहीं हुआ मुसलमानों का उत्‍पीड़न

RSS के महासचिव भैयाजी जोशी
RSS के महासचिव भैयाजी जोशी

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS के महासचिव भैयाजी जोशी ने रविवार को कहा कि भारत में मुसलमानों का कभी भी उत्पीड़न नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संशोधित नागरिकता कानून CAA के खिलाफ गलत जानकारियों का प्रसार किया जा रहा है।
जोशी 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर संघ मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद बोल रहे थे।
जोशी ने सीएए को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में कहा, ‘अब तक, इस्लाम के अनुयायियों को इस देश में किसी भी तरह के उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा है। अगर वहां से कोई भी नागरिक आता है चाहे वह मुस्लिम ही क्यों न हो, वह भी पहले से बने कानून के हिसाब से नागरिकता हासिल कर सकता है। इसमें समस्या क्या है?’
उन्होंने कहा, ‘बिना गंभीरता से विचार किए हुए गलत सूचनाओं का प्रसार किया जा रहा है। अगर CAA के पीछे की भावना को सही तरीके से समझा जाता तो इसे किसी के विरोध का सामना नहीं करना पड़ता।’
जोशी ने कहा, ‘सरकार ने बार-बार इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है लेकिन अलग-अलग समूह अब भी इसके खिलाफ माहौल तैयार कर रहे हैं। संसद ने इस कानून को पारित किया है और सब को इसे स्वीकार्य करना चाहिए।’
‘पूर्व में भी सरकारों ने कानून में संशोधन किया’
जोशी ने कहा कि पूर्व में भी सरकारों ने नागरिकता कानून में संशोधन किया है। जोशी ने लोगों से गलत जानकारियों से बचने की अपील की। संघ के महासचिव ने कहा, ‘यह देश के लिए अनिवार्य है कि कोई भी विदेशी यहां न रहे। यह अधिनियम सिर्फ पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदुओं को ही नहीं बल्कि जैन, सिख, बौद्ध और ईसाईयों को भी नागरिक बनने की अनुमति देता है। इसलिए अशांति फैलाना अच्छा नहीं है।’
उधर, श्रीलंका के लोगों को इसमें शामिल नहीं किए जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल में उन्होंने कहा कि इन्हें पहले अनुमति दी गई थी और वहां अब धार्मिक आधार पर उत्पीड़न नहीं है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत के पास अपना संविधान है और वह उसके अनुसार चलता है।
-एजेंसियां

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