Shailja हत्‍याकांड: मेजर निखिल हांडा पर आरोप तय, चलेगा मुकद्दमा

नई दिल्‍ली। Shailja हत्‍याकांड में पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल ने मेजर निखिल हांडा पर हत्या व साक्ष्य नष्ट करने की धाराओं में आरोप तय करते हुए मुकद्दमा चलाने का निर्देश दिया है।

अदालत ने हत्या के मामले में भारतीय सेना के मेजर पर आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। इस आरोपी पर अन्य मेजर की पत्नी Shailja की हत्या करने का आरोप है। मृतका व आरोपी के बीच जान पहचान व दोस्ती थी।

केस की सुनवाई के लिए 19 जनवरी 2019 की तारीख तय की है। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि निखिल ने योजना बनाकर हत्या को अंजाम दिया था। इस अपराध को अंजाम देने से पहले यूट्यूब पर ऐसे कई वीडियो देखे। वह अपने साथी अधिकारी की पत्नी को लेकर बेहद जुनूनी था। उसने इस महिला की हत्या कर दिल्ली छावनी क्षेत्र में शव छोड़ दिया था। आगे जानिए क्यों निखिल हांडा ने शैलजा की हत्या के लिए वही इलाका क्यों चुना था

पुलिस के अनुसार, जिस जगह निखिल ने शैलजा की हत्या की, उससे वह पहले से अच्छी तरह परिचित था। उसके हर रास्ते को वह अच्छे तरीके से जानता था। जांच में ये पता चला कि वह अपनी पटेलनगर वाली गर्लफ्रेंड से अक्सर इसी जगह पर मुलाकात करता था। जिसकी वजह से वह इस इलाके के चप्पे चप्पे से वाकिफ था। शैलजा को भी वह वहीं लेकर गया था। वहां शैलजा के किसी भी कीमत पर उससे शादी के लिए तैयार न होने पर उसने उसका कत्ल कर दिया।

निखिल के मोबाइल ने खोला राज
मंगलवार को पुलिस निखिल को उसके घर ले गई थी। वहां से उसे एक मोबाइल मिला था। पुलिस ने विशेषज्ञों की मदद से इसका लॉक खोलकर डाटा एक्सप्लोर किया तो निखिल के डेटिंग साइट पर फर्जी प्रोफाइल का खुलासा हुआ। इसी से पता चला कि उसने कई फेसबुक पर कई पेज बनाए हुए हैं। इनमें से कुछ दूसरे के नाम पर भी हैं।

की-रिंग में डाल रखा था स्विस नाइफ
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद निखिल हांडा के पास से एक स्विस नाइफ बरामद हो गया है, जबकि दूसरे के बारे में पता चला है कि वह उसने अपनी कार के की-रिंग में डाल रखा था। यह स्विस नाइफ अब तक नहीं मिला है। पुलिस को आशंका है कि इसी से शैलजा का कत्ल किया गया था।

शैलजा की हत्या करने के बाद मेजर निखिल हांडा अपने कैरियर को लेकर काफी चिंतित हो गया था। हत्या करने के बाद तनाव की स्थिति में वह अपनी पत्नी व बच्चे से मिलने आरआर अस्पताल पहुंचा। वहां पत्नी से झगड़ा कर वह घर के लिए निकला। घर पहुंचकर निखिल ने पहले अपने भाई, बाद में सीआर पार्क में रहने वाले चाचा को हत्याकांड के बारे में बता दिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनों ने उससे पुलिस के सामने समर्पण करने के लिए कहा था। निखिल इसके लिए तैयार नहीं हुआ और दक्षिणी दिल्ली के एक बड़े वकील के घर पहुंच गया।

वकील से कई घंटे की मुलाकात के दौरान निखिल ने सभी कानूनी पहलुओं पर चर्चा की और वहां से निकल गया। दिल्ली पुलिस की जांच को देखते हुए उसने सेना के अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का मन बनाया। इसके लिए प्लान तैयार करने के लिए वह मेरठ निकल गया। निखिल का कहना था कि उसे बिल्कुल भी यकीन नहीं था कि दिल्ली पुलिस इतनी जल्दी उस तक पहुंच जाएगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि निखिल बता रहा है कि वह सेना के सामने सरेंडर कर कुछ दिन तक पुलिस की कार्रवाई से बच सकता था, लेकिन उसके प्लान पर पानी फिर गया।
-एजेंसी

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