दुनिया के प्रभावशाली लोगों के सात गुण दिलाएंगे सफलता

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित वेबिनार में सफलता हासिल करने वाले सात गुणों की चर्चा करते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों को इन गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वेबिनार में मुख्य वक्ता  एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) केंद्र बैंगलोर के विशेषज्ञ डा. मंजूनाथ थे।
“सेवेन हैबिट्स ऑफ हाईली इफेक्टिव पीपल” विषय पर इस वेबिनार का आयोजन जूम के माध्यम से किया गया था। वेबिनार एक अत्यधिक प्रेरक और ज्ञानवर्धक विषय से जुड़ी होने के कारण भाग लेने वालों की रुचि अंत तक बनी रही।
डा. मंजूनाथ ने बताया कि हमें प्रतिक्रियाशील होने के बजाय सक्रिय होना चाहिए और हमेशा अपने काम की शुरुआत और अंत के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी समझाया कि हमें हमेशा ‘फर्स्ट थिंग फर्स्ट ’ के सिद्धांत को याद रखना चाहिए और सफलता के प्रति आश्वस्त रहना चाहिए। सफलता की सोच आपूर्तिकर्ता और ग्राहकों के बीच संबंध प्रगाढ़ करने वाली ही होती है। यह भी कहा कि हमें टीम की भावना यानी सिनर्जी के साथ काम करना चाहिए और अपनी आवश्यकताओं से पहले दूसरों की आवश्यकता को जानना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें स्वतंत्र रूप से काम नहीं करना चाहिए, और to इंडिपेंडेंट से इंटरडिपेंडेंट वर्किंग ’में जाने की कोशिश करनी चाहिए। अंत में उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि हमारे काम के दौरान हमें ‘महत्वपूर्ण और तत्काल चीजों’ पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आदत डालनी चाहिए।
वेबिनार में संस्कृति विश्वविद्यालय की विशेष कार्याधिकारी मीनाक्षी शर्मा, कुलपति डा. राणा सिंह, सभी डीन और विभाध्यक्ष मौजूद थे।
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