सीरम इंस्टीट्यूट को वैक्सीन की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्धताएं पूरी करनी होंगी: WHO

न्यूयॉर्क। भारत में इस समय कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप छाया हुआ है। ऐसे में 18 वर्ष पूरा कर चुके लोग जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन लगवाना चाह रहे हैं। ऐसे में यहां कोरोना वैक्सीन की मांग काफी बढ़ गई है इसलिए भारतीय वैक्सीन कंपनियां विदेशों में सप्लाई नहीं कर पा रही है। इसके बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने सीरम इंस्टीट्यूट को प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए याद दिलाया है।
क्या कहा WHO ने
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयियस ने कहा है कि भारत में विनाशकारी कोविड-19 का प्रकोप कम होने के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को वैक्सीन की आपूर्ति के लिए कोवैक्स प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। कोवैक्स दुनिया भर में कोरोना वायरस वैक्सीन की आपूर्ति के लिए एक वैश्विक पहल है।
कोवैक्स के पास है 19 करोड़ डोज की कमी
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने एक दैनिक संवाद्दाता सम्मेलन में कहा कि दुनिया भर में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोत्तरी के चलते वैश्विक वैक्सीन आपूर्ति प्रभावित हुई है और कौवैक्स के पास पहले ही जून के अंत तक 19 करोड़ खुराक की कमी है। कोवैक्स यानी वैश्विक कोविड वैक्सीन समता योजना के तहत अब तक 124 देशों को 6.5 करोड़ वैक्सीन दी गईं लेकिन यह उन देशों और वैक्सीन निर्माताओं पर निर्भर है, जिन्हें अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करनी हैं।
भारत में प्रकोप कम हो तो पूरी करे प्रतिबद्धता
घेब्रेयियस ने कहा, ‘एक बार जब भारत में विनाशकारी प्रकोप कम हो जाएगा तो जरूरी है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया वापस पटरी पर लौटे और कोवैक्स के लिए अपनी आपूर्ति प्रतिबद्धताओं को पूरा करे।’ संयुक्त राष्ट्र की बच्चों की एजेंसी यूनिसेफ ने भी कहा है कि भारत में कोरोना वायरस के मामलों में विनाशकारी वृद्धि के चलते कौवैक्स के तहत टीके की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
-एजेंसियां

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