राजीव एकेडमी में डिजिटल मार्केटिंग पर सेमिनार आयोजित

मथुरा। डिजिटल मार्केटिंग आज के युग की खास व्यापारिक और उपभोक्ता की पसन्द है। आज के आई.टी. युग में केवल एक फोन नम्बर से डिजिटल मार्केटिंग शुरू हो जाती है। एक काल से ही पता लग जाता है कि उपभोक्ता को कैसा उत्पाद पसन्द है, किस आयु का उपभोक्ता कौन सी गुणवत्ता का उत्पाद पसन्द करता है। सच कहें तो डिजिटल मार्केटिंग आज के समाज की संतुष्टि और आवश्यक पूर्ति का अंग बन चुकी है, उक्त उद्गार बुधवार को राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट द्वारा आयोजित ऑनलाइन सेमिनार में मुख्य वक्ता और Z SCORE कम्पनी की फाउण्डर गरिमा शर्मा ने छात्र-छात्राओं से व्यक्त किए।

राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट (Rajiv Academy for Technology and Management) द्वारा बी.ई.काम अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित सेमिनार में गरिमा शर्मा ने कहा कि आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग समाज की आवश्यक पूर्ति का अंग है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने और उसकी पहचान कराने में डिजिटल मार्केटिंग सबसे प्रभावी है। सुश्री शर्मा ने छात्र-छात्राओं को किसी उत्पाद का विश्वस्तरीय प्रचार कम खर्चे में करने के तरीके बताने के साथ ही आज के समय में सोशल मीडिया के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

रीमार्केटिंग पर एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए गरिमा शर्मा ने कहा कि आज के समय में अधिकांश कम्पिनयां अपने प्रोडक्ट की जानकारी सोशल साइट जैसे ट्विटर आदि पर अपलोड कर रही हैं ताकि वह अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल साइट के माध्यम से किसी फर्म की जानकारी प्राप्त करने के तरीके भी बताए। सुश्री गरिमा शर्मा ने बताया कि कम्पनी से जानकारी हासिल कर हम उत्पाद के बारे में उपभोक्ता की राय जान सकते हैं तथा उसकी पसन्द का उत्पाद मार्केट में लाने का भी विचार कर सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि डिजिटल मार्केटिंग द्वारा न केवल प्रोडक्ट अपितु किसी विषय पर अपने विचार भी प्रेषित कर सकते हैं और सोशल मीडिया पर मिले फीडबैक के आधार पर हम उसमें कुछ अच्छा भी जोड़ सकते हैं। सोशल मार्केटिंग गोल की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमें पहले से ही यह पता होना चाहिए कि हमारे उत्पाद के उपभोक्ता किस आयु के हैं तथा वे कैसी गुणवत्ता का उत्पाद चाहते हैं। संस्थान के निदेशक डा. अमर कुमार सक्सेना ने सेमिनार को छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी बताया।

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