रूस वैक्‍सीन Sputnik V की दूसरी खेप हैदराबाद पहुंची

नई दिल्‍ली। कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों और कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन के बीच रविवार को रूस की तरफ से एंटी कोविड-19 वैक्सीन स्पूतनिक वी Sputnik V की दूसरी खेप हैदराबाद पहुंची।
दूसरी तरफ, रूस की स्पूतनिक लाइट भारत की पहली सिंगल डोज वैक्सीन हो सकती है। रूस की तरफ से इस सिंगल-डोज वैक्सीन को भारत में पेश करने की योजना है।
डॉक्‍टर रेड्डी इस बारे में जून माह के बाद सरकार और नियामक से बातचीत करेगी। भारत में रूसी राजदूत एन कुदाशेव का कहना है कि स्पूतनिक वी की प्रभावशीलता दुनिया में अच्छी तरह से जानी जाती है। रूस में 2020 की दूसरी छमाही से शुरू होने वाले लोगों के वैक्सीनेशन में इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूसी एक्सपर्ट्स ने घोषणा की है कि यह वैक्सीन नए कोविड-19 वैरिएंट के खिलाफ भी प्रभावी है।
सिंगल डोज 80 परसेंट तक है प्रभावी
रूस का दावा है कि स्पूतनिक V का लाइट वर्जन सिंगल डोज में ही कोरोना वायरस का काम तमाम कर देगा। रूस के अनुसार स्पूतनिक वी का लाइट वर्जन सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन है जो कि 80 परसेंट तक प्रभावी है। कंपनी का दावा है कि उसका लाइट वर्जन वैक्सन दो डोज वाले टीकों की तुलना में सिंगल डोज में ही अधिक कारगर है। स्पूतनिक के इस लाइट वर्जन वैक्सीन को रूसी सरकार की मंजूरी भी मिल गई है।
इस महीने प्राइवेट अस्पतालों में मिलने लगी स्पूतनिक वैक्सीन
रूसी एंटी कोरोना वैक्‍सीन Sputnik V इसी महीने प्राइवेट अस्‍पतालों में उपलब्ध हो जाएगी। हालांकि राज्‍य सरकारों को 18-44 एज ग्रुप के लिए इस वैक्‍सीन का एक महीने और इंतजार करना पड़ेगा। विदेश में बनी यह पहली वैक्‍सीन है जिसे भारत में इमर्जेंसी यूज के लिए मंजूरी दी गई है। शुक्रवार को हैदराबाद में Sputnik V का सॉफ्ट लॉन्‍च किया गया। इस वैक्‍सीन की एक डोज का दाम 995.40 रुपये (जीएसटी सहित) रखा गया है।
सबसे लिए एक ही होगी स्पूतनिक की कीमत
Sputnik V की डेढ़ लाख डोज के बैच को क्‍वालिटी और स्‍टेबिलिटी टेस्‍ट के बाद क्लियर किया गया है। फिलहाल वैक्‍सीन की जो कीमत तय की गई है, वही प्राइवेट हॉस्पिटल्स के अलावा केंद्र और राज्‍य सरकारों के लिए भी रहेगी। यानी यह अबतक की सबसे महंगी वैक्‍सीन साबित होगी। हालांकि, प्राइवेट अस्‍पतालों में Sputnik V की डोज भारत बायोटेक की Covaxin से सस्‍ती पड़ने का अनुमान है। Covaxin प्राइवेट प्‍लेयर्स को 1,200 रुपये प्रति डोज में दी जा रही है।
-18 डिग्री पर स्‍टोर की जाती है रूसी वैक्सीन
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर हमारे सहयोगी ‘द इकॉनमिक टाइम्‍स’ से कहा, “अभी डेढ़ लाख डोज आयात की गई हैं। अगले हफ्ते और डोज आ जाएंगी। यह तय किया गया है कि ये डोज शुरुआत में निजी अस्‍पतालों में उपलब्‍ध कराई जाएंगी। डॉ रेड्डीज ने कहा कि वह पायलट चरण के तहत अगले हफ्ते से वैक्‍सीन लॉजिस्टिक्‍स का टेस्‍ट करेगी। पायलट प्रॉजेक्‍ट देश के उन बड़े शहरों में चलेगा जहां पर्याप्‍त कोल्‍ड चैन इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर है। स्‍पूतनिक वी वैक्‍सीन को -18 डिग्री सेल्‍सियस पर स्‍टोर करने की जरूरत पड़ती है।
-एजेंसियां

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