एंजियोप्लास्टी के बाद सौरभ गांगुली को अस्पताल से छुट्टी मिली

कोलकाता। टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन सौरभ गांगुली को रविवार सुबह कोलकाता के एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। गांगुली की अवरुद्ध धमनियों को खोलने के लिए तीन दिन पहले उनकी दूसरी बार एंजियोप्लास्टी की गई थी। अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इससे पहले शनिवार को 48 वर्षीय गांगुली को हालत में सुधार के बाद क्रिटिकल केयर यूनिट से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया। कोलकाता के एक निजी अस्पताल में गांगुली का इलाज चल रहा था। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गांगुली की हालत में एंजियोप्लास्टी के बाद सुधार आया है।
अधिकारी ने बताया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष की गुरुवार को फिर से एंजियोप्लास्टी हुई थी और उनके हृदय की धमनियों में अवरोध दूर करने के लिए दो और स्टेंट डाले गए। उन्होंने कहा, ‘सौरभ गांगुली की हालत स्थिर है। उन्हें गुरुवार रात अच्छी नींद आई। उनके स्वास्थ्य से जुड़े सभी मानक सामान्य हैं। उन्हें सीसीयू से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया है।’
हृदय संबंधी दिक्कतों के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI के मौजूदा अध्यक्ष गांगुली बुधवार को एक महीने में दूसरी बार अस्पताल में भर्ती हुए थे। जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ देवी शेट्टी और डॉ अश्विन मेहता तथा अन्य चिकित्सकों के दल ने गुरुवार को उनकी एंजियोप्लास्टी की थी और दो स्टेंट डाले थे।
अस्पताल के एक सीनियर डॉक्टर ने कहा, ‘गांगुली की सेहत ठीक है और उनका हृदय सामान्य व्यक्ति की तरह सेहतमंद है। उनका स्वास्थ्य बहुत तेजी से ठीक हुआ है और हमें उम्मीद है कि कुछ ही दिन में वह सामान्य जीवन जी सकेंगे।’
उन्होंने कहा कि गांगुली को सख्त दिनचर्या नियमित रखनी पड़ेगी और कुछ महीने दवाइयां लेनी पड़ेंगी। इससे पहले गांगुली को महीने की शुरुआत हल्का दिल का दौरा पड़़ा था और उनके ‘ट्रिपल वेसेल डिजीज’ से पीड़ित होने का पता चला था। उस दौरान धमनी में अवरोध को दूर करने के लिए उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी और एक स्टेंट डाला गया था।
गांगुली 2 जनवरी को भी कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती हुए थे और 5 दिन बाद उन्हें बेहतर महसूस होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। उन्हें बाद में डॉक्टरों का धन्यवाद दिया था और उम्मीद जताई थी कि वह जल्द ही फ्लाइट ले सकेंगे। हालांकि बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
-एजेंसियां

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