पेटेंट दाखिल कराने में संस्कृति विवि को मिली देश में 7वीं रैंक

मथुरा। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (ministry of commerce and industry department of industrial policy and promotion) के अंतर्गत इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी इंडिया द्वारा पेटेंट के लिए दर्ज कराए गए मामलों में संस्कृति विश्वविद्यालय को देश में सातवीं रैंक दी है। किसी शैक्षिक संस्थान के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

संस्कृति विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार विवि रिसर्च और पेटेंट के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित करता आ रहा है। ब्रज क्षेत्र के लिए यह गौरव का विषय है और विश्वविद्यालय की समयपरक सक्रियता का परिणाम है। संस्कृति विवि के चांसलर सचिन गुप्ता ने इस प्रयास के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा है कि अनुंसंधान और इनोवेशन के काम को इसी तरह से जारी रखें ताकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी का देश को विश्व स्तर पर सिरमौर बनाने का सपना साकार हो सके।

संस्कृति विवि के कुलपति प्रोफेसर एसपी पांडे ने विवि के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा है कि विवि अपने इन प्रयासों में निरंतरता बनाए रखेगा और अपनी रैंक में और आगे की ओर कदम बढ़ाएगा। इसके लिए एकेडमिक स्तर पर व्यापक योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि विवि द्वारा पेटेंट के लगभग 150 मामले नए दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ वह कानूनी अधिकार है, जो किसी क्रिएटर, डिजाइनर, आविष्कारक या ओनर द्वारा बनाए गए विशेष उत्पाद, डिजाइन, क्रिएटिव एक्सप्रेशन, न्यू प्लांट वैरायटी, सेमीकंडक्टर चिप्स या ज्योग्राफिकल इंडिकेशन आदि को संरक्षित करता है। उस पर किसी दूसरे द्वारा अधिकार जमाने, उसका गलत इस्तेमाल करने से रोकता है।

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