सिंधी सपूत हेमू कालाणी का बलिदान दिवस मनाया गया

मथुरा। सिंधी सपूत अमर शहीद हेमू कालाणी के 79 वें बलिदान दिवस पर सिंधी समाज ने बच्चों के साथ युवा देशभक्त की कहानियां सुनाकर हेमू कालाणी के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सिंधी काउंसलिंग ऑफ इंडिया के प्रदेश उपाध्यक्ष गुरमुखदास ने कहा कि हेमू कालाणी के बलिदान दिवस पर हम यह संकल्प लें कि समाज के उत्थान एवं सामाजिक व राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति हेतु समय-समय पर एकजुट होकर सामाजिक कार्य करते रहेंगे।

उप्र लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत के प्रदेश महामंत्री रामचंद्र खत्री ने बताया की हेमू कालाणी ने मात्र 19 वर्ष की आयु में जो देश के लिए अपना बलिदान दिया उससे समाज को सीख लेनी चाहिए।

सिंधी जागरूक मंच के संस्थापक किशोर इसरानी ने युवाओं को हेमू कालाणी के बलिदान से सीख लेकर देश सेवा करने हेतु आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि 23 मार्च 1923 को जन्मे हेमू कालाणी जब मात्र 7 वर्ष के थे तब वह तिरंगा लेकर अंग्रेजो की बस्ती में अपने दोस्तों के साथ क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व करते थे | एक बार उन्होंने अंग्रेजों की ट्रेन पलटाने के उद्देश्य से पटरियां उखाड़नी शुरू की किन्तु वह पकड़े गए और साथियों का नाम न बताने पर मात्र 19 वर्ष की उम्र में उन्हें फांसी दे दी गई। सिंधी समाज हेमू कालाणी के बलिदान को कभी नहीं भुला सकता।

सिंधी जनरल पंचायत के अध्यक्ष नारायणदास लखवानी, लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत के अध्यक्ष जीवतराम चंदानी, बसंत लाल मंगलानी, झामनदास नाथानी, चंदनलाल आडवाणी आदि ने हेमू कलानी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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