राहुल-प्रियंका से मिले सचिन पायलट, वापसी की चर्चा

नई द‍िल्ली। राजस्थान में स‍ियासी ड्रामे के 32 द‍िन बाद आज राहुलगांधी व प्रियंका वाड्रा से सचिन पायलट ने मुलाकात की। इसके बाद उनकी वापसी की चर्चा शुरू हो गई है।  गौरतलब है क‍ि आगामी 14 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले ही आज सोमवार को सचिन पायलट ने दिल्ली में राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। पायलट की कांग्रेस में वापसी का फॉर्मूला तलाशा जा रहा है, लेकिन पार्टी ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री पद के बारे में कोई बात नहीं होगी। पायलट अगर लौटना चाहें तो एडजस्टमेंट के लिए कुछ समय इंतजार भी करना पड़ेगा।

दो तरह के फॉर्मूले पर बात होने की चर्चा
1. सचिन पायलट से कहा गया है कि दिल्ली आकर पार्टी संगठन में कोई जिम्मेदारी संभालें।
2. पायलट गुट से किसी नेता और उपमुख्यमंत्री बना दिया जाए।

सूत्रों के मुताबिक, पायलट कांग्रेस के प्रमुख नेताओं से पहले से संपर्क में थे। राहुल से मुलाकात की पहल खुद आलाकमान की ओर से की गई थी। पायलट गुट के सभी विधायक भी लगातार कह रहे हैं कि हमारी नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से है। कुछ कांग्रेस नेताओं ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि सचिन पायलट लगातार पार्टी नेतृत्व के साथ संपर्क में हैं। पार्टी ने भरोसा दिया है कि राजस्थान में सरकार का संकट सुलझा लिया जाएगा।

सुलह की 3 वजहें बताई जा रही हैं
पहली- विधायक-खरीद फरोख्त मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। दूसरी- राष्ट्रद्रोह का मामला हटने से विधायकों को राहत मिली है। तीसरी- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायक दल की बैठक में संकेत दिए थे कि आलाकमान का फैसला उन्हें मंजूर होगा।

भाजपा ने 11 अगस्त को विधायक दल की बैठक बुलाई
इस बीच, भाजपा ने 11 अगस्त को विधायक दल की बैठक बुलाई है। पार्टी गुजरात गए अपने 18 विधायकों को भी वापस बुलाएगी। मंगलवार को शाम 4 बजे जयपुर के होटल क्राउन प्लाजा में विधायक दल की बैठक होगी।

गहलोत ने सभी विधायकों को भावुक चिट्ठी लिखी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को सभी दलों के विधायकों को एक भावुक चिट्ठी लिखकर कहा था कि आप सरकार गिराने की साजिश का हिस्सा नहीं बनें। अंतरात्मा क्या कहती है, उसके आधार पर फैसला करें। चिट्ठी जारी करने के कुछ देर बाद ही गहलोत जैसलमेर पहुंचे, वहां उनके अलग ही तेवर दिखे। वे कहते हैं कि भाजपा विधायकों में फूट पड़ गई, इसलिए 3-4 जगह बाड़ेबंदी की जा रही है। भाजपा विधायकों की पोल खुल गई है। विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग हो रही थी, इसलिए उन्हें बाड़ेबंदी करनी पड़ी। भाजपा के नेता बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, लेकिन अब वे चार्टर विमानों से विधायकों को भेजकर बाड़ेबंदी कर रहे हैं।
– एजेंसी

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