रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को बर्लिन लाया गया

एक एंबुलेंस एयरक्राफ़्ट रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को लेकर जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुँच चुका है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा के आधार पर यह जानकारी दी है.
नवेलनी गंभीर रूप से बीमार हैं. उनके समर्थकों ने संदेह जताया है कि ज़हरीली चाय पीने के बाद वे कोमा में चले गये थे. साथ ही उनके परिवार ने रूसी अधिकारियों पर अपराध छिपाने का आरोप भी लगाया है.
नवेलनी की पत्नी और उनके समर्थकों के अनुरोध पर जर्मनी के डॉक्टरों की एक टीम शुक्रवार को विमान के ज़रिये साइबेरियाई शहर ओम्सक पहुँचे थे जहाँ नवेलनी को अस्पताल में भर्ती किया गया था.
नवेलनी के परिवार ने कहा था कि जिस अस्पताल में नवेलनी को रखा गया है, वहाँ बहुत सीमित सुविधाएं हैं और नवेलनी का इलाज ठीक से नहीं किया जा रहा.
बताया गया है कि ओम्सक के सरकारी अस्पताल से नवेलनी को एक एंबुलेंस में ओम्सक हवाई अड्डे तक लाया गया, जहाँ से दो घंटे बाद एक एंबुलेंस एयरक्राफ़्ट उन्हें जर्मनी के लिए ले गया.
चश्मदीदों के अनुसार, इस विमान में नवेलनी की पत्नी युलिया और उनकी प्रवक्ता किरा यारमिश भी सवार थीं.
रूस में सरकार विरोधी नेता नवेलनी विमान यात्रा के दौरान बीमार पड़ गये थे. उनकी प्रवक्ता किरा यारमिश के मुताबिक़ मॉस्को से टॉम्स्क लौटते वक्त उड़ान के दौरान नवेलनी बीमार पड़ गये और विमान को ओम्स्क में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी.
उन्होंने संदेह जताया था कि एलेक्सी नवेलनी को चाय में ज़हर दिया गया है क्योंकि यात्रा से पहले सुबह उन्होंने सिर्फ़ चाय पी थी.
हालांकि अस्पताल के डिप्टी हेड फ़िजिशियन अनातोली केलिनिचेन्को ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि “निश्चित तौर पर यह कहना मुश्किल है कि नवेलनी को ज़हर दिया गया.”
जबकि यारमिश ने कुछ डॉक्टरों के हवाले से दावा किया था कि ज़हरीला पदार्थ गर्म तरल के साथ जल्द ही घुल गया और कुछ ही समय बाद नवेलनी बेहोश हो गये. 44 वर्षीय नवेलनी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कड़े आलोचक माने जाते हैं.
शुक्रवार को ओम्सक में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा था कि “उनकी हालत फ़िलहाल ऐसी नहीं है कि उन्हें कहीं ले जाया जा सके.” लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि “उनकी स्थिति इतनी स्थिर हो गई है कि वे विमान यात्रा कर सकते हैं.”
जर्मनी की एक संस्था ‘सिनेमा फ़ॉर पीस’ ने उनके लिए इस एंबुलेंस एयरक्राफ़्ट का बंदोबस्त किया था.
बताया गया है कि बर्लिन के एक चैरिटी अस्पताल में उनका इलाज किया जाएगा.
एलेक्सी की प्रवक्ता किरा यारमिश ने शनिवार सुबह ट्वीट किया था कि “एलेक्सी को बर्लिन ले जाया जा रहा है. उनका समर्थन करने के लिए सभी का बहुत आभार. एलेक्सी के जीवन और स्वास्थ्य की लड़ाई बस शुरू हो रही है.”
जर्मनी और फ़्रांस, दोनों ने कहा था कि उन्हें एलेक्सी नवेलनी का इलाज करने में ख़ुशी होगी.
जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा था कि एलेक्सी नवेलनी को जो भी मेडिकल मदद की ज़रूरत है, वो उन्हें दी जाएगी.
राष्ट्रपति पुतिन के एक प्रवक्ता ने भी कहा था कि ज़रूरत पड़ने पर नवेलनी को विदेश भेजने में मदद करके रूस को ख़ुशी होगी.
नवेलनी को साल 2011 में गिरफ़्तार भी किया गया था और उन्हें 15 दिनों के लिए जेल भेजा गया था.
उन्होंने पुतिन की पार्टी पर संसदीय चुनाव के दौरान वोटों में धांधली का आरोप लगाया था और विरोध प्रदर्शन भी किया था जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया था. पुतिन की यूनाइटेड रूस पार्टी को उन्होंने ‘बदमाशों और चोरों की पार्टी’ कहा था.
जुलाई 2013 में भी कुछ समय के लिए उन्हें जेल भेजा गया था. उन पर गबन के आरोप लगे थे. लेकिन उन्होंने इसे राजनीतिक बताया था.
वर्ष 2018 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होने की कोशिश की थी, लेकिन धोखाधड़ी के आरोपों के कारण उनपर रोक लगा दी गई. नवेलनी ने इसे भी राजनीतिक क़दम बताया था.
जुलाई 2019 में अनाधिकृत रूप से विरोध प्रदर्शन का आह्वान करने के कारण उन्हें 30 दिन जेल की सज़ा हुई थी. जेल में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. उस समय भी ये आरोप लगे थे कि उन्हें ज़हर देने की कोशिश हुई.
वर्ष 2017 में उन पर हमला हुआ था. उस समय उन पर एंटिसेप्टिक डाई से हमला हुआ जिस वजह से उनकी दाहिनी आँख ‘केमिकल बर्न’ से प्रभावित हुई थी.
पिछले साल ही उनके ‘एंटी करप्शन फ़ाउंडेशन’ को विदेशी एजेंट घोषित किया गया था. इस कारण फ़ाउंडेशन को कड़ी जाँच प्रक्रिया से गुज़रना पड़ा.
-एजेंसियां

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