रूस ने भी लॉकडाउन का फैसला लिया, नाम रखा ‘नॉन-वर्किंग वीक’

मॉस्‍को। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए रूस ने भी अब लॉकडाउन का फैसला ले लिया है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे एक ‘नॉन-वर्किंग वीक’ कहा है.
सरकार लोगों से घर पर रहने के लिए कह रही है. हालांकि, निर्देश स्पष्ट न होने के चलते लोगों में कनफ्यूजन है.
इससे पहले रूस का रवैया कोरोना को लेकर बहुत नजरअंदाज करने वाला था. राष्ट्रपति पुतिन इसे लेकर बेफ़िक्र थे और खुलेआम लोगों से हाथ मिलाते नज़र आ रहे थे.
रूस अभी भी इसे महामारी नहीं मान रहा है और यूरोप के दूसरे देशों के मुकाबले खुद को बेहतर स्थिति में मौजूद बता रहा है.
अधिकारी अब इस बात का इशारा कर रहे हैं कि ये पाबंदियां 5 अप्रैल से और आगे बढ़ाई जा सकती हैं. यह चीज स्वास्थ्य हालातों पर निर्भर करेगी.
पिछले हफ्ते कोविड-19 से पीड़ित रूसियों की संख्या 1,000 के पार चली गई. रूस में सबसे ज्यादा मामले मॉस्को में सामने आ रहे हैं.
रूस में अभी यह महामारी नहीं है
आंकड़ों के आधार पर क्रेमलिन के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि रूस में अभी यह महामारी नहीं है.
उन्होंने यूरोप के दूसरे मुल्कों के मुकाबले रूस की अच्छी स्थिति का हवाला दिया.
सरकारी टीवी के न्यूज़ चैनल ने अपना नाम बदलकर ‘हम घर से काम कर रहे हैं’ कर लिया है और एंकर अपने लिविंग रूम से ब्रॉडकास्ट कर रहे हैं.
लेकिन, कई लोग अभी भी कोरोना वायरस के ‘विदेशी खतरा’ होने के पिछले दावों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं.
ऐसे में जब पुतिन ने सभी के लिए एक हफ्ते की पेड लीव का एलान किया तो हॉलिडे बुक करने की होड़ मच गई.
‘हॉलिडे नहीं’
क्रांसनोडार रीजन के गवर्नर ने सभी शॉपिंग सेंटर्स, पार्क और रेस्टोरेंट्स को बंद करने के आदेश दे दिए थे. इसी रीजन में सोची का ब्लैक सी रिजॉर्ट है.
गवर्नर ने होटल रिजर्वेशंस में तेज इजाफा देखते हुए फ्लाइट्स की संख्या भी सीमित कर दी.
बेंजामिन कोंड्राटिएव ने इंस्टाग्राम पर राष्ट्रपति की स्पीच का स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “यह कोई अतिरिक्त छुट्टी वाला हफ्ता या हॉलिडे नहीं है.”
उन्होंने खुद भी आत्मअनुशासन में रहने के लिए कहा. उन्होंने इसे कोरोना वायरस का एक बुरा दौर बताया.
मॉस्को में रहने वाले लोग पहले ही अपने डाचा या गर्मियों के घरों में जाने के लिए शहर छोड़ चुके हैं.
राष्ट्रपति पुतिन के राष्ट्र के नाम संदेश के बाद से मॉस्को में सड़कों पर फेसमास्क लगाकर चलने वाले लोगों में खासा इजाफा हुआ है.
आवश्यक सेवाएं भी जारी हैं
सुपर मार्केट्स में काम करने वाले लोगों ने मास्क पहनना शुरू कर दिया है और कॉफी दुकानों पर हैंड सैनिटाइजर रखे हुए हैं.
खाने-पीने की दुकानें खुली हुई हैं. साथ ही आवश्यक सेवाएं भी जारी हैं. लेकिन, इस वीकेंड से कैफ़े और रेस्तरां केवल टेकअवे ही देंगे.
एक लोकप्रिय कॉफी चेन बरिस्ता केवल विंडो के जरिए ड्रिंक्स बेच रही है.
बरिस्ता का कहना है कि इन दिनों केवल कोरोना वायरस पर ही चर्चा हो रही है और लोग इसे लेकर चिंतित हैं.
इस चेन ने अपने काम के घंटे कम कर दिए हैं और दूसरे सेक्टरों में भी छंटनियां हो रही हैं.
‘मौसम कितना खूबसूरत है’
अभी भी कई मॉस्को वासियों को अंदाजा नहीं है कि यह सब क्या चल रहा है.
बाइसीकिल हायर शॉप में काम करने वाले दिमित्री कहते हैं, “कैंसर और दूसरी बीमारियों से लगातार मौतें होती रहती हैं और लोग तब भी काम पर जाते रहते हैं. लोग तब भी मेट्रो और पार्क में जाते हैं.”
दिमत्री जिस दुकान पर काम करते थे वह अब बंद हो गई है.
वे कहते हैं, “मैं निश्चित तौर पर इस हफ्ते सड़कों पर जाऊंगा. मौसम बेहद खूबसूरत है.”
पुशचेयर के साथ गुजरता एक लाटवियाई शख्स कहीं ज्यादा गंभीर था.
क्राइस्ट ने कहा, “मुझे लगता है कि ये देरी से किए गए उपाय हैं. इटली और स्पेन को देखिए. वहां भी लोग घूम-फिर रहे थे, लेकिन अब वहां हालात बेकाबू हो गए हैं.”
पाबंदियां फिलहाल एक हफ्ते के लिए
नजदीक में मौजूद गोर्की पार्क को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.
इस पार्क के एक सिक्योरिटी गार्ड ने कहा, “हम वही कर रहे हैं जो हमें कहा गया है. मैं नहीं जानता ये कब तक चलेगा.”
क्रेमलिन का कहना है कि नई पाबंदियां फिलहाल एक हफ्ते के लिए हैं.
हालांकि, मॉस्को में 65 साल से ऊपर के लोगों को अप्रैल मध्य तक के लिए घरों पर ही रहने के लिए कह दिया गया है.
मेयर ने फ्री ट्रांसपोर्ट पास रद्द कर दिए हैं ताकि कोई हालात का जायजा लेने भी बाहर न निकले.
-BBC

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