RRB NTPC हिंसा: खान सर व कोचिंग संचालकों के समर्थन में उतरे नेता

पटना। बिहार में आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा में धांधली के आरोपों के बाद हुए बवाल में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मशहूर यूट्यूब और शिक्षक खान सर समेत कई कोचिंग संचालकों के खिलाफ पटना में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया है। खान सर के अलावा पटना के एसके झा, नवीन, अमरनाथ, गगन प्रताप, गोपाल वर्मा और बाजार समिति के विभिन्न कोचिंग संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में 300 से 400 अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है।

बवाल में चिह्नित छात्रों की गिरफ्तारी की कोशिश में भी पुलिस जुट गई है। पटना के कई लॉज और हॉस्टलों में बुधवार की देर शाम छापेमारी शुरू कर दी गई।

गौरतलब है कि रेलवे की NTPC परीक्षा में धांधली का आरोप लगाने के बाद पटना सहित बिहार के कई जिलों में छात्रों का उग्र प्रदर्शन लगातार जारी है। पहले पटना में राजेन्द्र नगर में ट्रेन रोकने के बाद छात्रों पर लाठीचार्ज करना पड़ा था, उसके बाद आंदोलन और तीव्र होते आरा, गया, नवादा, नालंदा, मोतिहारी समेत बिहार के कई जिलों में जा पहुंचा जहां कई ट्रेनों में आग लगा दी गई।
छात्रों के इस तरह हो रहे उग्र प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की भूमिका संदिग्ध मानी है। जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए चर्चित यू-ट्यूबर खान सर (Khan Sir) सहित आधा दर्जन शिक्षकों पर शिकंजा कसा है।

इन शिक्षकों पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाते हुए पटना के ही पत्रकार नगर थाना में केस दर्ज किया गया है. तीन दिनों से बिहार में जारी इस आंदोलन को अब विपक्ष के साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों का भी समर्थन मिलना शुरू हो गया है।

छात्रों के इस आंदोलन और शिक्षकों की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए केस दर्ज होने के बाद आरजेडी नेता और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा है कि पुलिस को रेलवे बहाली बोर्ड पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए। इनके अध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों को अभियुक्त बनाया जाना चाहिए। तिवारी ने कहा कि स्वंय रेल मंत्री ने कुबूल किया है कि लड़कों की शिकायत जायज है। इस मामले में बहाली बोर्ड ने अपराधिक लापरवाही बरती है। इन्हीं की वजह से लड़कों में उत्तेजना फैली। तिवारी ने कहा कि बहाली बोर्ड के पदाधिकारियों से मिलकर कोचिंग वालों ने गलती की ओर ध्यान दिला दिया था।

बोर्ड से अनुरोध किया गया था कि गलती को सुधारिए अन्यथा लड़के रेल की पटरियों पर उतर सकते हैं लेकिन अफसरी अहंकार में बोर्ड वालों ने अपनी गलती नहीं सुधारी, फलस्वरूप परिणाम सबके सामने है। तिवारी ने कहा कि पुलिस द्वारा कोचिंग चलाने वालों पर केस दर्ज करना बिलकुल गलत है। मैं मांग करता हूं कि कोचिंग वालों पर से मुकदमा हटाया जाए।

– एजेंसी

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