रिलायंस इंडस्ट्रीज की बादशाहत पर भारत में भी खतरा, TCS ने दी चुनौती

नई दिल्‍ली। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी दुनिया के अमीरों के सूची में 13वें नंबर पर फिसल गए हैं। एशिया में उनसे सबसे बड़े रईस की कुर्सी छिन चुकी है और अब उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की भारत में बादशाहत भी खतरे में है। हाल के दिनों में उसका मार्केट कैप तेजी से घटा है जबकि देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेज (TCS) का बाजार पूंजीकरण तेजी से बढ़ा है। जिस तरह से टीसीएस के शेयर में तेजी आ रही है, उससे कंपनी कुछ ही दिनों में रिलायंस को पछाड़कर देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है।
अभी रिलायंस का मार्केट कैप 1245869.56 करोड़ रुपये है जबकि टीसीएस का मार्केट कैप 1170875.36 करोड़ रुपये है। यानी टीसीएस का मार्केट कैप रिलांयस से केवल करीब 75 हजार करोड़ रुपये कम रह गया है। एक समय रिलायंस का मार्केट कैप 16 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया था लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार गिरावट आई है। दूसरी ओर टीसीएस के शेयरों में हाल में काफी तेजी आई है और यह अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। अभी यह उससे कुछ ही नीचे है।
तेजी से बढ़ रहा टीसीएस का मार्केट कैप
बीते 28 दिसंबर को टीसीएस का मार्केट कैप पहली बार बढ़कर 11 लाख करोड़ के पार चला गया था। टीसीएस 11 लाख मार्केट कैप क्लब में शामिल होने वाली दूसरी कंपनी थी। इसके पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज को ही यह मुकाम हासिल हुआ है। इसके पहले टीसीएस 5 अक्टूबर 2020 को ही 10 लाख करोड़ मार्केट कैप क्लब में शामिल हुई थी। उस दौरान शेयर में 6 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी और यह 2679 रुपये के भाव पर पहुंच गया था।
अंबानी की नेटवर्थ गिरी
Bloomberg Billionaire Index के मुताबिक अंबानी के नेटवर्थ इस समय 73.4 अरब डॉलर (करीब 5.36 लाख करोड़ रुपये) है जबकि पिछले साल उनकी नेटवर्थ 90 अरब डॉलर (6.62 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गई थी। अगस्त 2020 में वह दुनिया को अमीरों की सूची में चौथे नंबर पर पहुंच गए थे। लेकिन रिलायंस के शेयरों में हाल में आई गिरावट से उनकी नेटवर्थ गिरी है। इसके साथ ही वह दुनिया के अमीरों की सूची में 13वें नंबर पर फिसल गए हैं।
रिलायंस का मार्केट कैप गिरा
रिलायंस ने पिछले साल फ्यूचर ग्रुप के रीटेल और होलसेल बिजनस को खरीदने की घोषणा की थी। तब कंपनी का शेयर 2369.35 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। कंपनी का बाजार पूंजीकरण भी 16 लाख रुपये को पार गया था। पिछले तीन महीनों में रिलायंस का शेयर करीब 14 फीसदी गिर चुका है। अभी इसकी कीमत 1933.05 रुपये है। अभी रिलायंस का मार्केट कैप 1245869.56 करोड़ रुपये है।
कंपनी पर दबाव
मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी सपना देखा है। यह सपना है रिलांयस को दुनिया की अग्रणी टेक कंपनी (Tech company) बनाने का। अपने इस सपने में उन्होंने फेसबुक (Facebook) और गूगल (Google) जैसी कंपनियों को भी भागीदार बनाया है। 2020 में मुकेश अंबानी ने अपना अधिकांश समय फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियों को अपना सपना बेचने में बिताया। अब 27 अरब डॉलर की फ्रेश कैपिटल (Fresh capital) के साथ उन पर सपने को हकीकत में बदलने का दबाव है।
मुकेश अंबानी से छिनी एशिया की बादशाहत
मुकेश अंबानी अब एशिया के सबसे अमीर शख्स नहीं रह गए हैं। इस कुर्सी पर अब Nongfu और Wantai जैसी कंपनियों के मालिक चीन के झोंग शैनशैन काबिज हैं। 66 साल के झोंग को चीन के बाहर शायद ही कोई जानता है। उन्होंने अप्रैल में वैक्सीन बनाने वाली कंपनी Beijing Wantai Biological Pharmacy Enterprise Co. को पब्लिक किया। और फिर कुछ महीने बाद बोतलबंद पानी बनाने वाली उनकी कंपनी Nongfu Spring Co. की हॉन्गकॉन्ग में जोरदार लिस्टिंग की। झोंगझोंग इस समय दुनिया के छठे सबसे बड़े अमीर हैं।
-एजेंसियां

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