RBI के गवर्नर ने बताया, कोरोना के प्रभाव से अर्थव्‍यवस्‍था को कैसे उबारा जाए

नई दिल्‍ली। रिजर्व बैंक RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से जूझ रही अर्थव्यवस्था में गतिविधियां बढ़ाने के लिए मूलभूत सुविधाओं वाली परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में उद्योग जगत को संबोधित करते हुए दास ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के विकास में व्यापक निवेश की जरूरत है और इसमें सार्वजनिक एवं निजी दोनों क्षेत्र को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में हाल में उठाए गए सुधार के कदमों से इस क्षेत्र में नए अवसर खुले हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र आकर्षण का केन्द्र बनकर उभर रहा है। भारत को ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जिससे कि कृषि क्षेत्र की आय में निरंतर वृद्धि होती रहे। विदेशी मुद्रा विनिमय दर के बारे में दास ने कहा कि इसके लिए रिजर्व बैंक का कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं है लेकिन जब भी इसमें अनावश्यक घटबढ़ होगी रिजर्व बैंक इस पर नजर रखेगा। दास ने कहा कि संयोग भारतीय अर्थव्यवस्था के अनुकूल बन रहा है और देश को कृषि आय में सतत् वृद्धि वाली नीतियों की जरूरत हैं।
एफटीए पर जल्द पूरी हो बातचीत
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की बातचीत जल्द पूरा करने पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वेल्यू चेन में 1 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ने से देश की प्रति व्यक्ति आय 1 फीसदी से अधिक बढ़ सकता है। दास ने कहा कि रिजर्व बैंक का मुद्रा की विनिमय दर के लिए कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं लेकिन अनावश्यक घट-बढ़ पर नजर रहेगी। बॉन्ड बाजार में नई गतिविधियां दिखाई दी हैं। पहली तिमाही में करीब एक लाख करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी किए गए।
उन्होंने इंडस्ट्री को आश्वस्त किया कि रिजर्व बैंक पूरी तरह से सजग है और जब भी कदम उठाने की जरूरत होगी उसमें कोताही नहीं बरती जाएगी। दास ने कहा कि बैंकों को सलाह दी गई है कि वे प्रतिकूल परिस्थितियों में दबाव सहने की क्षमता का परीक्षण करें और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए पूंजी जुटाएं।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *