मास्टरकार्ड पर बैन के बाद RBI ने बैंकों से पूछा, अब क्या तैयारी है?

भारतीय रिजर्व बैंक RBI ने पिछले दिनों मास्टरकार्ड पर बैन लगाया था। तब से लेकर अब तक रिजर्व बैंक इस बात का इंतजार कर रहा है कि बैंक अपनी आगे की रणनीति के बारे में उससे बात करें। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि केंद्रीय बैंक ने तमाम बैंकों से पूछा है कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड को लेकर उनकी क्या तैयारी है और वह किस तरह वीजा या रूपे जैसे पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं।
रिजर्व बैंक ने क्यों लगाया मास्टरकार्ड पर बैन?
भारतीय रिजर्व बैंक ने 14 जुलाई को मास्टरकार्ड पर नए कार्ड जारी करने को लेकर बैन लगा दिया था। इसकी वजह ये है कि अमेरिका की दिग्गज कंपनी मास्टरकार्ड डेटा को भारत में ही रखने के नियम का पालन नहीं कर रही थी। अब रिजर्व बैंक तमाम बैंकों से पूछ रहा है कि मास्टरकार्ड पर बैन लगाने के बाद उनका आगे का क्या प्लान है। बैंकों को वीजा या रूपे पर तो जाना ही होगा, लेकिन वह कब तक ऐसा करेंगे इसकी तस्वीर अभी साफ नहीं है।
इन बैंकों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर
मास्टरकार्ड पर बैन लगाए जाने से सिर्फ क्रेडिट कार्ड जारी करने की रफ्तार ही धीमी नहीं होगी, बल्कि सेविंग अकाउंट खोले जाने पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।
दरअसल, दोनों के ही लिए बैंकों को अब वीजा या फिर रूपे पेमेंट प्लेटफॉर्म पर जाना होगा और इसके लिए पूरी तैयारी करनी पड़ेगी। मास्टरकार्ड बैन का सबसे बुरा असर भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक पर पड़ेगा।
बैंकों को उम्मीद, हट सकता है बैन
बहुत से बैंक तो आगे की रणनीति बनाने में इसलिए भी ढिलाई दिखा रहे हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि मास्टरकार्ड पर लगा बैन हट सकता है। नोमुरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरबीएल बैंक और यस बैंक के सारे क्रेडिट कार्ड मास्टरकार्ड के हैं। वहीं एचडीएफसी के 45 फीसदी, आईसीआईसीआई के 36 फीसदी और एक्सिस बैंक के 35 फीसदी कार्ड मास्टरकार्ड के हैं। ऐसे में अगर बैन नहीं हटता है तो सबसे अधिक नुकसान इन्हीं बैंकों को होगा।
-एजेंसियां

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