व्यापारियों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं क‍िया जाएगा: रविकांत

मथुरा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल “आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण में अपनी भूमिका अदा करेगा, पीएम मोदी के इस स्वदेशी महाभियान में देश के 12 करोड़ व्यापारी , कारोबारी, दुकानदार, 3 करोड़ से अधिक लघु मध्यम कुटीर, उद्यमी, एवं 5 करोड़ से अधिक रेहड़ी पटरी ढकेल, खोमचा वालों वालों को संगठित करके देश प्रदेशों की आर्थिक गति को बढ़ाने तथा वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने का कार्य करेंगे।
किसी भी छोटे बड़े व्यापारी, उद्यमी की उपेक्षा और उत्पीड़न को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उक्त विचार प्रकट करते हुए भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के निर्विरोध नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविकांत गर्ग ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत बनाने का सपना पूरा करने की योजना का मुख्य आधार स्तंभ स्वदेशी उत्पादन, स्वदेशी उपभोग और उपयोग ही है जिसे पूरा करने के लिए एक महाअभियान की आवश्यकता है जिसके माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति भी मजबूत होगी तथा बेरोजगारी को भी समाप्त किया जा सकेगा।
श्री गर्ग ने दावा किया है कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सभी पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों और जनपदों में कार्यरत संगठन और उसके सभी पदाधिकारी संगठन को मजबूत बनाने और विस्तार देने के लिए अभियान चलाकर देश के सभी प्रदेशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।

श्री गर्ग ने विदेशी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ऑनलाइन कारोबार से स्वदेशी व्यापार को हो रहे खतरे से सावधान करते हुए उसके विरुद्ध आंदोलन किए जाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि इस ऑनलाइन कारोबार से देश का सोना चांदी व्यवसाय, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, बर्तन, जनरल मर्चेंट , किराना स्टोर आदि व्यापारो पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, आयकर, जीएसटी आदि विभागों में ऑनलाइन प्रक्रिया से सुविधा प्राप्त हुई परंतु अभी अनेक नियमों और कानूनों में परिवर्तन की आवश्यकता है।

श्री गर्ग ने देश, प्रदेशों में साहूकारी अधिनियम, बांट माप अधिनियम, खाद्य सुरक्षा मानकों, किराया कानून अधिनियम आदि में संशोधनों की आवश्यकता बताई। कृषि उत्पादन गल्ला मंडी से मंडी शुल्क हटाया गया परंतु अब भी विभिन्न राज्यों में मंडी शुल्क को रखरखाव खर्च के नाम से वसूला जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि‍ संपूर्ण देश में एकरूपता प्रदान करने तथा मंडियों में स्थापित गोदामों, दुकानों आदि को फ्री होल्ड किए जाने के लिए भी कानून बनाए जाने की मांग की।

श्री गर्ग ने कोरोना संकटकाल में कोरोना से मृत हुए रजिस्टर्ड व्यापारियों को तीन श्रेणी में बांट कर 25लाख, दस लाख, 5लाख की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की मांग की है, उन्होंने सोना चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क की अनिवार्यता को देश के सभी जनपदों में हॉलमार्क प्रयोगशाला न होने के कारण एक वर्ष के स्थगित करने की मांग सरकार से की है।

श्री गर्ग ने देश के सभी छोटे बड़े व्यापारियों एवं लघु मध्यम सूक्ष्म उद्यमियों, कारोबारियों से भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यक्रमों, क्रियाकलापों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप परिवर्तन के लिए उठाई जाने वाली मांगों के लिए किए जाने वाले आंदोलन तथा सदस्यता अभियान में पूर्ण सहयोग दिए जाने का अनुरोध किया है।
– Legend News

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