चिराग के चचेरे भाई और सांसद प्रिंस राज पर रेप का केस दर्ज

नई दिल्‍ली। लोक जनशक्ति पार्टी में नया विवाद सामने आ गया है। समस्तीपुर से सांसद और चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रिंस पर एक लड़की ने यौन शोषण का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने यौन शोषण के मामले में प्रिंस के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।
पानी में नशीला पदार्थ मिला कर रेप का आरोप
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सांसद के खिलाफ नई दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में लड़की ने शिकायत दर्ज कराई है। लड़की ने आरोप लगाया है कि ‘प्रिंस पासवान ने पानी में नशीला पदार्थ मिलाने के बाद उसके साथ रेप किया।’ लड़की ने कहा कि ‘पानी पीते ही वह बेहोश हो गई और उसके साथ बेहोशी की हालत में रेप किया गया। 15 जून को पीड़िता ने तीन पन्नों में विस्तार से आपबीती बताते हुए दिल्ली पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।’
पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थी: पीड़ित
पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया है कि ‘शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया गया और वीडियो बनाया गया। दिल्ली पुलिस उसकी एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।’ लड़की ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘मैं 15 दिन से थाने के चक्कर लगा रही हूं। कनॉट प्लेस में पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराने जाती हूं, तो प्रिंस राज के वर्तमान सांसद होने का हवाला देकर केस दर्ज करने से इंकार कर दिया जाता है। कहा जाता है कि ऊपर से आदेश हैं, हम कुछ नहीं कर सकते।’
दिल्ली पुलिस कर रही प्रिंस मामले की जांच
दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रिंस राज चिराग पासवान के दिवंगत चाचा रामचंद्र पासवान के बेटे हैं। रामचंद्र पासवान के निधन के बाद खाली हुई समस्तीपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर प्रिंस राज सांसद बने हैं। हमेशा चिराग पासवान के साथ दिखने वाले प्रिंस फिलहाल उनके विरोध में हैं, जबकि उनको चुनाव में जीत दिलाने के लिए चिराग पासवान ने ही उनके चुनाव अभियान की कमान संभाली थी।
चिराग पासवान ने अपनी चिट्ठी में किया है जिक्र
लोजपा में विरोध का सामना कर रहे चिराग पासवान ने मंगलवार दोपहर ट्विटर पर एक चिट्ठी शेयर कर अपने चचेरे भाई और सांसद प्रिंस राज से जुड़े एक मामले का जिक्र किया था, जिसमें एक लड़की ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। चिराग ने अपनी चिट्ठी में लिखा था कि बड़ा भाई होने के नाते उन्होंने प्रिंस को पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी ताकि झूठ और सच का पता चल सके और दोषी को दंड मिले। चिराग ने इस चिट्ठी क जरिए यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी बागी हुए चाचा पशुपति पारस ने कोई सलाह नहीं दी और कन्नी काट गए, जबकि यह मुद्दा पार्टी के साथ परिवार की भी प्रतिष्ठा से जुड़ा था।
-एजेंसियां

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