मूर्ख दिवस पर Rang Bharti ने कराया घोंघा बसंत सम्मेलन

लखनऊ। Rang Bharti द्वारा मूर्ख दिवस पर रविवार को चारबाग स्थित रवींद्रालय में आयोजित घोंघा बसंत सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें अनोखे खिताबों और हास्य कविताओं ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया।

Rang Bharti के घोंघा बसंत सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक और विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक मौजूद रहे। मुर्खोत्सव के रंग में राज्यपाल भी रंगे दिखे। उन्होंने अपने संबोधन में कई बार आयोजकों की चुटकी ली, जिससे श्रोता हंसे बिना नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल गुदगुदाने और हंसी-मजाक के दिन के लिए जाना जाता है।

व्यंग्य की अलग पहचान होती है। व्यंग्य करना आसान नहीं है। समाज में जब कुछ गलत होता है, असमानता, भेदभाव आदि होता है तो लेखक व्यंग्य करता है। उन्होंने कहा कि व्यंग्य से नाराज नहीं होना चाहिए बल्कि इससे सीख लेते हुए सतर्क होना चाहिए। व्यंग्य लोगों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास दिलाता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के गुरु रामदास स्वामी ने अपनी पुस्तक में मूर्खों की पहचान के लिए 70 से ज्यादा गुण लिखे थे। राज्यपाल ने मंच पर 11 गुण बताए, जिनसे मूर्खों की पहचान होती है।

Rang Bharti द्वारा वर्षों से सफल आयोजन पर आयोजकों की सराहाना करते हुए चुटकी भरे लहजे में उन्‍होंने कहा कि अब तक उन्हें काफी मूर्ख मिल गए होंगे। इस मौके पर उन्होंने देश के विख्यात हास्य-व्यंग्य कवि कमलेश द्विवेदी को इस वर्ष का बेढब बनारसी रंगभारती हास्य-व्यंग्य शिखर सम्मान से नवाजा। सम्मेलन में रचनाकारों को विशिष्ट उपहार भेंट किए गए। राज्यपाल राम नाईक की ओर से राजमुकुट, महापौर संयुक्ता भाटिया की ओर से पत्तलों का जयमाल, मुलायम सिंह यादव की ओर से गदा और प्रियंका गांधी की ओर से झाड़ू का गुलदस्ता भेंट किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन परंपरागत तरीके से मुर्खिस्तान के प्रधानमंत्री ने किया। वे सचमुच के गधे थे। इशारों के जरिये उनसे कहलाया गया कि आज अपनी इतनी बड़ी बिरादरी में आकर उन्हें बड़ी प्रसन्नता हो रही है। उन्हें गर्व है कि परिवार नियोजन को फेल कर राजधानी में उनके इतने रिश्तेदार मौजूद हैं। मंच पर रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की रोचक वेशभूषा में आए। उनका हर बार की तरह परंपरागत तरीके से जूतों से बनी सुगंधित माला पहनाकर अभिनंदन किया गया।

मंच हास्य कवियों से सज चुका था। दोना, पत्तल, झाड़ू, सुगंधित माला से उनका स्वागत हो चुका था। बीच-बीच में चुटकुले और हास्य व व्यंग्य की फुहारों से सभागार में मौजूद दर्शक ठहाके लगा रहे थे। इसी बीच मुर्खिस्तान के प्रधानमंत्री का गगनभेदी उद्घोष हुआ और वे झाड़ू लिए अंगरक्षकों के बीच मुकुट पहने मंच पर अवतरित हुए तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

मूर्ख रत्न से सात हस्तियां सम्मानित
घोंघा बसंत सम्मेलन में विश्व की सात छंटी हुईं हस्तियों के लिए मूर्ख रत्न का राष्ट्रीय शिखर सम्मान घोषित किया गया। इस बार यह सम्मान राजदीप सरदेसाई, पुण्य प्रसून वाजपेयी, शाहरुख खान, आमिर खान व नसीरुद्दीन शाह को उनके विवादित बयानों पर, लखनऊ विकास प्राधिकरण और लखनऊ नगर निगम को उनके यहां पर व्याप्त घोर निष्क्रियता व भ्रष्टाचार के लिए प्रदान किया गया। वर्ष भर अलग-अलग मुद्दों पर टिप्पणी करने पर रवीश कुमार को ढेंचू सम्मान से नवाजा गया।

ठहाकों के बीच हुआ गंधर्व विवाह
हर बार की तरह इस बार भी सम्मेलन में पांच विभूतियों का गंधर्व विवाह संपन्न हुआ। चुटकुलों और ठहाकों के बीच हंसी-खुशी गंधर्व विवाह संपन्न कराया गया। पत्रकार अमरेंद्र प्रताप सिंह का दीपिका पादुकोण के साथ, पत्रकार शेखर पंडित का अनुष्का शर्मा के साथ, पत्रकार एसएम पारी का आलिया भट्ट के साथ, प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन का प्रियंका चोपड़ा के साथ और वर्तमान मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय का श्रद्घा कपूर के साथ गंधर्व विवाह हुआ।

मायावती ने प्रत्येक जोड़े की वधू को सदा सुहागिन रहो आशीर्वाद देने के साथ ग्यारह-ग्यारह रुपये का नेग दिया। आयोजकों ने बताया कि विभूतियों के गंधर्व विवाह के लिए टेंडर मांगे गए थे, जिनके साथ उनका गंधर्व विवाह संपन्न हुआ उनके टेंडर सबसे ऊंचे पाए गए। नवविवाहित जोड़ों के हनीमून के लिए क्लार्क अवध में पांच कमरे आरक्षित करा दिए गए हैं। विशेष मांग पर इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक का कैटरीना कैफ के साथ गंधर्व विवाह करने की घोषणा की गई।

करवाचौथ का व्रत रखकर मरने भी नहीं देती…
कानपुर के कमलेश द्विवेदी ने हो विपक्ष का कोई, चाहे पाकिस्तानी, मांग रहे ऐसा सबूत, ज्यों मरी उन्हीं की नानी… सुनाकर सभी को लोटपोट कर दिया। वाराणसी के अनिल चौबे ने बटन सी आंख बीच चाइनीज नाक तेरी, धाक में सुराख कर देंगे लाल मऊ के। एक बात जिन पिंग ठीक से समझ लेना, कोट में गुलाब नहीं दाढ़ी वाले ताऊ के…. सुनाकर गुदगुदाया। प्रयागराज के राधेश्याम भारती ने रोज नया एक जख्म, जख्म भरने भी नहीं देती, कान पकड़ती, मन का कुछ करने भी नहीं देती। फरमाइश पर फरमाइश, जीने नहीं देती है, करवाचौथ का व्रत रखकर मरने भी नहीं देती… सुनाया तो श्रोता ठहाका मारकर हंस पड़े। बाराबंकी के अनिल बौझड़ की एमए बीए, पीएचडी हम सब के डारैन जो रेट मा, वतने खर्च के बादिउ बिटिया अटी न कक्षा एक मा…को खूब सराहा गया। फैजाबाद के जमुना प्रसाद उपाध्याय ने हर प्यास की शिद्दत को बढ़ाने पे अड़े हैं, वो लोग जो दरिया के मुहाने पे खड़े हैं। क्यों आपके हिस्से में ही है नूर की चादर, ताउम्र उजालों के लिए हम भी लड़े हैं… सुनाया।

बाराबंकी के विकास बौखल ने हिंद वाले पाक जाके जो दहाड़ देंगे, गीदड़ तुम्हारे ये बेचारे मर जाएंगे। दल एंटी रोमियो का भेज देंगे योगी जी तो, सानिया के देवर कुंवारे मर जाएंगे… सुनाया तो श्रोता ताली बजाते हुए खूब हंसे। अगली पंक्तियां सुनाईं पाक जाके राहुल ने आंख मार दी अगर, इमरान मियां बिन मारे मर जाएंगे…। लखनऊ के अमित अनपढ़ के जिन्ना का जवाहर से बहुत मेल रहा था, इटली की गलतियां को देश झेल रहा था। संसद में शहीदों को जब किया गया नमन तब पप्पू मोबाइल पर गेम खेल रहा था… पर खूब तालियां मिलीं। अध्यक्ष श्याम कुमार ने देखकर कमलेश को उन पर वो ऐसा तड़ गई, इक हसीना डालकर झोले में उनकी उड़ गई। मस्त थे डूबे हुए थे एकतरफा प्यार में, जब किया इजहार, गालों पर तमाचा जड़ गई सुनाकर सभी को खूब हंसाया। इनके अलावा बेअदब, समीर और लाफ्टर चैलेंज के हास्य कलाकार राजा रैंचो ने भी अपने चुटकुलों से सभी को लोटपोट कर दिया।

-एजेंसी

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