राकेश झुनझुनवाला की Akasa Air में नहीं होगी बिजनेस क्लास

दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला समर्थित आकासा एयर (Akasa Air), इस साल गर्मियों से उड़ान भरने वाली है। आकासा एयर को अप्रैल 2022 तक एयर ऑपरेटर का परमिट (AOP) प्राप्त हो सकता है। अभी तक ऐसी खबरें थीं कि यह एक अल्ट्रा लो कॉस्ट कैरियर (एलसीसी) हो सकती है लेकिन अब साफ हो गया है कि ऐसा नहीं होगा। आकासा के संस्थापक, एमडी और सीईओ विनय दुबे का कहना है कि आकासा अल्ट्रा लो कॉस्ट कैरियर नहीं बल्कि लो कॉस्ट कैरियर होगी। यानी यह एक बजट एयरलाइन होगी।
नागर विमानन मंत्रालय ने 11 अक्टूबर को भारत में आकासा एयर के परिचालन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दिया था। इसके बाद कंपनी ने AOP के लिए अप्लाई किया। आकासा एयर ब्रांड नाम से एसएनवी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड भारतीय विमानन सेक्टर में उतर रही है।
​गरमागरम खाने के लिए नहीं होंगे ओवन
लेकिन यह भी है कि इंडिगो की तरह आकासा की फ्लाइट्स में गर्म खाने के लिए ओवन नहीं होंगे। यात्रियों को पैक्ड उपमा/नूडल्स/पोहा/बिरयानी खाने से कुछ मिनट पहले गर्म पानी में रखने की आवश्यकता होगी। हालांकि विनय दुबे का यह भी कहना है कि एयरलाइन के पास सुविधाजनक यात्रा के लिए कुछ सरप्राइजेज होंगे, जो आकासा को उसकी श्रेणी में किसी और से आगे ले जाते हैं। आकासा के लिए पायलट, केबिन क्रू और एयरपोर्ट स्टाफ जैसे कर्मियों की भर्ती शुरू हो गई है।
नहीं मिलेगा बिजनेस क्लास
दुबे के मुताबिक हम एक किफायती एयरलाइन (Budget Airline) बनना चाहते हैं और वह हमारा बिजनेस मॉडल है। हमारे पास एक ही प्रकार का विमान होगा, सीटों की एक ही श्रेणी होगी, हमारे पास बिजनेस क्लास (Business Class) नहीं होगा, हमारे पास एक प्रीमियम अर्थव्यवस्था नहीं होगी, हमारे पास हमारी श्रेणी के अन्य लोगों की तरह बाई ऑन बोर्ड (Buy on Board) होगा।
कब तक मिल जाएगा पहला बोइंग
दुबे का कहना है कि हम 15 अप्रैल के बाद अपना पहला बोइंग 737 मैक्स प्राप्त करने जा रहे हैं और हमारी पहली वाणिज्यिक उड़ान मई के अंत या जून की शुरुआत में होनी चाहिए। मार्च 2023 के अंत तक आकासा के पास 18 विमान होने चाहिए। उसके बाद अगले चार वर्षों में हम सालाना 12-14 मैक्स को शामिल करेंगे, जिससे हमारा फ्लीट (ऑर्डर) 72 हो जाएगा। आकासा एयर के पास अगले साल गर्मियों तक 20 एयरक्राफ्ट होंगे। यह 0/20 नियम (कोई आयु सीमा नहीं बल्कि 20 विमानों का न्यूनतम बेड़ा) को पूरा करने पर विदेश उड़ान भरने के अधिकारों के लिए तुरंत आवेदन करेगी। अनुमति मिलते ही खाड़ी, सार्क और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे स्थानों के लिए उड़ान भरना शुरू कर देगी।
​फ्लाइट में वाईफाई मिलेगा या नहीं, अभी निश्चित नहीं
ऑनबोर्ड वाईफाई पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है और इन-सी चार्ज को लेकर समय के साथ खुलासा किया जाएगा। आकासा का प्रधान कार्यालय मुंबई में होगा। हालांकि Akasa एयरलाइन विभिन्न हवाईअड्डा ऑपरेटरों के साथ बातचीत कर रही है ताकि चेक-इन काउंटर, पार्किंग स्लॉट और कार्यालय की जगह की उपलब्धता के आधार पर प्राथमिक केंद्र तय किया जा सके।
​क्या रहेगी फोकस सिटी
आकासा एयर का फोकस किस तरह के बाजार पर होगा, इस बारे में विनय दुबे का कहना है कि हम मेट्रो-टू-मेट्रो नहीं बल्कि मेट्रो से टियर-2 शहरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम मुंबई एयरपोर्ट, बेंगलुरू, दिल्ली एयरपोर्ट, जीएमआर ग्रुप, अडानी ग्रुप और एएआई के साथ बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि हमारी फोकस सिटी कौन सी होगी। हमें अभी भी स्लॉट, पार्किंग बे, चेक-इन काउंटरों की समझ प्राप्त करने की आवश्यकता है। और यह अभी भी चल रहा है। हम मुंबई की सेवा करना पसंद करेंगे क्योंकि वह हमारे लिए घर और मुख्यालय है, और हम इसे अपने नेटवर्क के एक बड़े हिस्से के रूप में रखना पसंद करेंगे।
-एजेंसियां

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