राजीव गांधी खेलरत्‍न पुरस्कार का नाम बदला, अब मेजर ध्यानचंद खेलरत्‍न हुआ

भारत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिए जाने वाले खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद खेल पुरस्कार कर दिया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी-अभी ट्विटर पर इसका ऐलान किया. यह खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाल सर्वोच्च भारतीय पुरस्कार है.
पीएम मोदी ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में भारत की हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन के बीच यह आग्रह आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए.
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, “मेजर ध्यानचंद भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने भारत का सिर ऊँचा किया. इसलिए यह उचित है कि हम हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उनके नाम पर होगा.”

‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद
मेजर ध्यानचंद को ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने भारत को लगातार 3 बार ओलिंपिक में स्वर्ण पदक दिलवाया था.
ध्यानचंद की बॉल पर पकड़ बेजोड़ थी. उनका मैच देखने वाले लोगों को लगता था कि उनकी हॉकी स्टिक पर कोई चुंबक लगा है.
यही वजह है एक मैच के दौरान उनकी हॉकी तक तुड़वा कर देखी गई.
खेल रत्न पुरस्कार किसी भी भारतीय खिलाड़ी को उसके चार साल के प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है.
पुरस्कार के तौर पर खिलाड़ी को साढ़े सात लाख रुपये, एक मेडल और एक सर्टिफ़िकेट से सम्मानित किया जाता है.
साल 2020 में यह पुरस्कार क्रिकेटर रोहित शर्मा, भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल, टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा और पैरालंपिक हाई जंप के एथलीट मरियप्पन थंगवेलु को दिया गया था.
-एजेंसियां

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