राजीव एकेडमी ने कराई पोखरण परीक्षण पर ऑनलाइन चर्चा

मथुरा। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की स्थिति में भी R K एजुकेशन हब के शिक्षण संस्थान छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन के साथ ही राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों से लगातार रूबरू करा रहे हैं। सोमवार को राष्ट्रीय तकनीकी दिवस पर राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं ने पोखरण परमाणु परीक्षण की यादों को ताजा करते हुए तकनीकी विशेषज्ञ प्राध्यापक दीपक सिंह और अंजली मेहरा से बदलती टेक्निक पर ऑनलाइन परिचर्चा की।

राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना का कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों से हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर ज्ञान उपलब्ध करवाना है। डॉ. सक्सेना ने कहा कि टेक्निक जहां प्रगति के रास्ते खोलती है वहीं इसके दुष्परिणामों से भी इंकार नहीं किया जा सकता। राजीव एकेडमी का प्रयास है कि युवा पीढ़ी प्रत्येक तकनीक के अच्छे व बुरे दोनों पहलुओं से अवगत हो। ऑनलाइन परिचर्चा में शामिल हर्ष, संस्कार और छात्रा भूमिका अग्रवाल, प्रेयांशी बंसल आदि ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते हुए उनके कृतित्व को याद किया।

ज्ञातव्य है कि आज के ही दिन 11 मई, 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया था। अचानक किए गए परमाणु परीक्षण से अमेरिका, पाकिस्तान समेत कई देश दंग रह गए थे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की अगुआई में यह मिशन कुछ इस तरह से अंजाम दिया गया था कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। इससे पहले 1974 में इंदिरा गांधी की सरकार ने पहला परमाणु परीक्षण (पोखरण-1) कर दुनिया को भारत की ताकत का लोहा मनवाया था, इसे ऑपरेशन ‘स्माइलिंग बुद्धा’ नाम दिया गया था।

आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डा. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी को न केवल बदलते तकनीकी पहलुओं से अवगत होने की जरूरत है बल्कि परीक्षण की प्रक्रिया और आवश्यकता की जानकारी होना भी आवश्यक है। यह देश के लिए गर्व और गौरव की बात है कि आज भारत को दुनिया इज्जत की नजर से देखती है। चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने पोखरण परमाणु परीक्षण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की दूरदृष्टि को देते हुए कहा कि सही मायने में ये दिवंगत शख्सियतें भारतीय युवाओं का आदर्श हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजीव एकेडमी छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ ही राष्ट्रीय मुद्दों से रू-ब-रू कराने को प्रतिबद्ध है क्योंकि कोई भी राष्ट्र युवा पीढ़ी के सुसंस्कारों और शुचिता से ही प्रगति पथ पर चल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *