मदर डेयरी के शैक्षिक भ्रमण से लौटे राजीव एकेडमी के विद्यार्थी

मथुरा। शिक्षा के साथ ही शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के जीवन का एक आवश्यक अध्याय है। शैक्षिक भ्रमण से छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक व सैद्धान्तिक ज्ञान प्राप्त होता है। अर्जित ज्ञान के मूल्यांकन और उसकी कमियों का पता शैक्षिक भ्रमण के दौरान ही चलता है। यह विचार आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डा. रामकिशोर अग्रवाल ने मदर डेयरी का भ्रमण कर लौटे राजीव एकेडमी फार टेक्नोलाजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं से व्यक्त किए।

ज्ञातव्य है कि Rajiv Academy for Technology and Management के छात्र-छात्राओं को तीन दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर मदर डेयरी भेजा गया था। अपने इस शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मदर डेयरी में भारत सरकार के दुग्ध मानकीकरण, दुग्ध समांगता,  पाश्चुरीकरण  आदि तकनीक की विस्तृत जानकारी हासिल की। मदर डेयरी के अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार के मिल्क बनाने की विधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। वहां स्टूडेंट्स ने दूध के कई आइटमों आइस्कीम, फुलक्रीम मिल्क, स्टेण्डराइज मिल्क, टोण्डमिल्क, डबलटोण्ड मिल्क, स्किम्ड मिल्क बनाने की विधियों की भी जानकारी हासिल की। मदर डेयरी के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बड़े स्केल पर दुग्ध वितरण प्रबन्धन प्रणाली के बारे में भी प्रमाणिक जानकारी प्रदान की।

उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी जीवन कठिनाइयों से भरा है। इस जीवन में विद्यार्थी हरेक समस्या का समाधान खोजने की तकनीक सिर्फ शैक्षिक भ्रमण में ही सीख सकता है। चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से जहां छात्र-छात्राएं अपने आपको तरोताजा महसूस करते हैं वहीं उन्हें उच्च स्तरीय सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ उच्चस्तरीय व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त होता है। विद्यार्थी के करिअर निर्माण में शैक्षिक भ्रमण का विशेष महत्व है। संस्था का प्रयास है कि यहां के विद्यार्थी उच्चस्तरीय ज्ञान प्राप्त करके भविष्य में अपने स्वर्णिम सपनों को साकार करें।

इण्डस्ट्रियल भ्रमण से लौटे छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक डा. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि व्यावसायिक कोर्सों के विद्यार्थियों के लिए इण्डस्ट्रियल भ्रमण अति आवश्यक है। इससे उन्हें किताबी ज्ञान के अतिरिक्त व्यावहारिक व सैद्धान्तिक बातें भी पता चलती हैं जोकि जीवन पर्यंत काम आती हैं।

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