राजस्‍थान: स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने सुनवाई से पहले वापस ली याचिका

जयपुर। राजस्थान सरकार और सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस में मचा सियासी घमासान दो सप्ताह के बाद भी शांत नहीं होता देख मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और अन्य 18 बागी कांग्रेसी विधायकों को अब उन्होंने कानूनी दांव-पेच से अलग राजनीतिक अखाड़े में पटखनी देनी की योजना बनाई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट से पालयट खेमे को मिली फौरी राहत बाद सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर यू-टर्न भी इसी नई योजना का हिस्सा है। स्पीकर डॉ. सीपी जोशी की ओर से हाईकोर्ट के ‘निर्देश’ पर आपत्ति वाली एसएलएपी को सोमवार को सुनवाई से पहले वापल लिया गया है। कहा जा रहा है कि मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने और राज्यपाल की ओर से मिली निराशा के बाद कांग्रेस अब सड़क पर उतर सियासत की लड़ाई अलग ढ़ंग से लड़ने वाली है।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, राज्यपाल की शिकायत
सीएम गहलोत ने राज्यपाल की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर अब राष्ट्रपति से शिकायत करने का मानस बना लिया है। इस संबंध में कांग्रेस विधायकों की प्रार्थना सभा में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के ज्ञापन पर सभी सहमति ली है। यह ज्ञापन सोमवार को ही राष्ट्रपति को भेजा जा रहा है।
राज्यपाल-बीजेपी के खिलाफ माहौल
स्पीकर के 19 बागी विधायकों को जारी नोटिस पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद से ही गहलोत खेमे ने नए प्लान पर काम शुरू कर दिया था। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल की ओर से जब विधानसभा सत्र बुनाने की अनुमित नहीं मिली तो राजनीति के मैदान में जनता के बीच पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिशें शुरू हुई। इसी के तहत मुख्यमंत्री ने राजभवन घेराव का विवादित बयान दिया गया। केंद्र सरकार यानी बीजेपी के दबाव में राज्यपाल की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही गई।
बागी विधायकों की खिलाफत के बीच परिवार को ‘गुलाब’
सचिन पायलट और अन्य बागी विधायकों के खिलाफ कानूनी जंग के बीच रविवार से कांग्रेस की ओर से उनके परिवार को गुलाब भेंट किए गए। परिवार के प्रति सहानुभूति वाला ये कदम जनता के बीच अपनी छवि और बगावत करने वालों की करतूत को उजागर करना था। कांग्रेस समर्थकों के साथ एनएसयूआई के नेता सचिन पायलट समेत पार्टी के सभी 19 बागी विधायकों के आवास पर पहुंचकर परिजनों को गुलाब भेंट किए।
सोशल मीडिया पर अभियान, कठघरे में राज्यपाल
कांग्रेस की ओर से सोशल मीडियो पर अभियान Save Democracy-Save Constitution चलाया जा रहा है। इसमें कांग्रेसी देश की सभी राज्यों में राजभवन के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन राजस्थान के राज्यपाल को कठघरे में खड़ा करते हुए पार्टी ने जयपुर स्थित राजभवन पर प्रदर्शन नहीं किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि ‘हमने महामहिम को कैबिनेट का रिवाइज्ड नोट भेज दिया है और उम्मीद करते हैं कि वे जल्द सत्र आहूत करने की स्वीकृति देंगे।’
-एजेंसियां

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