राज कुंद्रा को न सेशन कोर्ट से राहत मिली, और न हाई कोर्ट से

मुंबई। पॉर्न फिल्में बनाने के आरोप में जेल में बंद राज कुंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार 7 अगस्त को सेशन कोर्ट ने राज कुंद्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी। इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज कुंद्रा की तुरंत रिहाई वाली याचिका को खारिज कर दिया है। राज कुंद्रा और उनके सहयोगी रायन थोर्प ने यह याचिका मजिस्ट्रेट कोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ दी थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राज कुंद्रा की जमानत याचिका को पहले ही खारिज कर दिया था।
बता दें कि पिछले महीने 19 जुलाई को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा को पॉर्न वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अरुणा पाई ने बताया था कि पुलिस ने राज को इसलिए गिरफ्तार किया था क्योंकि वह कुछ जरूरी वॉट्सऐप चैट डिलीट कर सबूतों को नष्ट कर रहे थे। इस सुनवाई के दौरान यह भी दावा किया गया कि पुलिस को राज कुंद्रा की 2 ऐप्स से 51 पॉर्न वीडियोज बरामद हुए हैं।
इससे पहले मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने राज कुंद्रा और उनके सहयोगी रायन थोर्प की जमानत याचिका को 4 अगस्त को खारिज कर दिया था। मुंबई पुलिस ने जबरन पॉर्न वीडियो बनाने का मामला फरवरी में दर्ज किया था। इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी की गईं और जांच में राज कुंद्रा का नाम सामने आया। पुलिस का दावा है कि पॉर्न वीडियो परोसने वाले हॉटशॉट्स ऐप को राज कुंद्रा की कंपनी आर्म्सपाइन चलाती थी। इस ऐप को बाद में लंदन के केनरिन प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया गया जिसके मालिक राज के बहनोई प्रदीप बख्शी हैं।
-एजेंसियां

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