रेलवे ने चाइनीज कंपनी को वंदे भारत ट्रेन के निर्माण की नीलामी से बाहर किया

नई दिल्‍ली। भारतीय रेलवे ने चाइनीज कंपनी को वंदे भारत ट्रेन निर्माण के लिए होने वाली नीलामी से बाहर कर दिया है। 1.8 हजार करोड़ रुपए के इस बिड के तहत वंदे भारत ट्रेन के 44 डिब्बों के तैयार करने के लिए सरकार ने कंसोर्टियम मंगवाई थी। इसमें केवल तीन कंपनियां शामिल हुई थी।
चीन की कंपनी बिड से बाहर
तीन कंपनियों में CRRC पायनियर इलेक्ट्रिक इंडिया भी शामिल थी। लेकिन रेलवे ने इसके कंसोर्टियम को अयोग्य ठहराते हुए बोली से बाहर कर दिया। बता दें कि यह चीन की कंपनी CRRC योंगजी इलेक्ट्रिक और भारत की पायनियर फिल-मेड कंपनियों की साझेदारी वाली कंपनी है।
दरअसल, सरकार इसी साल जून में पूर्वी लद्दाख में हुए दोनों देशों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसी कारण सरकार लगातार चीन की कंपनियों पर सख्त रवैया अपना रही है। इसके तहत सरकार ने कई मोबाइल ऐप्स को बैन किया। इसके अलावा चाइनीज कंपनियों के निवेश को लेकर कई नियमों पर भी सख्ती बरती जा रही है। रेलवे नए नियमों के तहत नीलामी में शामिल कंपनियों में स्थानीय कंपनियों की हिस्सेदारी कम से कम 75% होना आवश्यक है।
दो भारतीय कंपनियां होंगी बिड में शामिल
चाइनीज कंपनी के बाहर होने के बाद नीलामी में अब केवल दो कंपनियों की बिड योग्य है, मेधा सर्वो ड्राइव्स और भारत हैवी इलेक्ट्रिक। सूत्रों के मुताबिक इसमें ज्यादा संभावना है कि मेधा की बिड को प्रोजेक्ट मिले। कंपनी ने इससे पहले पहली दो ट्रेनों के मैन्युफैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट मिला था क्योंकि कंपनी ने सबसे कम कीमत की बोली लगाई थी। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) से रेलवे वंदे भारत ट्रेन के 44 डिब्बों को खरीदेगी।
दिल्ली-वाराणसी के बीच चलाई गई थी पहली वंदे भारत ट्रेन
देश में दो रूट पर सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है। फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ​नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर देश की पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद दूसरी वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली और कटरा के लिए चलाई गई। इस ट्रेन को गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2019 को हरी झंडी दिखाई थी।
-एजेंसियां

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