इत्र कारोबारी के यहां रेड जारी, अब नोटों के साथ सोने-चांदी की सिल्‍लियां भी मिलीं

कानपुर में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घरों से दौलत मिलने का सिलसिला जारी है। पहले कानपुर से 177 करोड़ रुपए नकद मिले, तो अब उनके कन्नौज वाले घर में भी खजाना मिला है। यहां रविवार को तीसरे दिन भी जैन के घर और फैक्ट्री में CGST और IT की सर्चिंग जारी है। शनिवार देर रात मकान में एक तहखाना भी मिला।
इसमें 250 किलो चांदी और 25 किलो सोने की सिल्लियां बरामद हुई हैं। चांदी की कीमत करीब पौने 2 करोड़ और सोने की कीमत साढ़े 12 करोड़ रुपए बताई जा रही है। साथ ही टीम को 107 करोड़ और मिले हैं। अब तक कुल मिलाकर 284 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। पुलिस कारोबारी के दोनों बेटे प्रत्यूष जैन और प्रियांश जैन के साथ अन्य कारखानों की जांच कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि तहखाने में नोटों से भरे 9 बोरे भी मिले हैं। इसमें ज्यादातर नोट दो हजार के हैं। बाकी 500 रुपए के नोट हैं। अभी इन्हें गिना नहीं जा सका है। नोट गिनने के लिए कानपुर से 7 मशीनें मंगाई गई हैं। इसके साथ ही बैंक अफसरों को भी बुलाया गया है। हालांकि माना जा रहा है कि यह 50 करोड़ के करीब की नकदी है। एक झोले में सिर्फ चाभियां मिली हैं। कानपुर के बाद कन्नौज में जैन के घर से मिल रही नगदी और जेवरात की बरामदगी देखकर अफसर दंग हैं।
लखनऊ से बुलाए गए आर्किटेक्ट, घर के बाहर PAC तैनात
IT टीम को अब तक जैन के कन्नौज में तीन घर और फैक्ट्री का पता चला है। चारों जगह टीम सर्चिंग कर रही है। घरों की दीवारों में इतने गोपनीय लॉकर और अलमारियां बनी हैं कि इन्हें खोजना अफसरों के लिए मुश्किल है। इस कारण रविवार सुबह लखनऊ से आर्किटेक्ट और इंजीनियरों की टीम को बुलाया गया है। करोड़ों रुपए और सोना मिलने की जानकारी पर मौके पर कई थानों की फोर्स को भी लगा दिया गया। टीम के अधिकारियों की मांग पर PAC भी तैनात कर दी गई है।
फिंगर प्रिंट वाले लॉकर, देर रात जैन को कन्नौज लेकर पहुंची टीम
कन्नौज में छापेमारी के दौरान टीमों को घर पर फिंगर प्रिंट वाले कई लॉकर मिले हैं। ये लॉकर इतने मजबूत हैं कि इन्हें तोड़ने में भी काफी मशक्कत उठानी पड़ रही है। ऐसे में शनिवार देर रात टीमें पीयूष जैन को लेकर कन्नौज पहुंची हैं। अब पीयूष जैन और उनके बेटे प्रत्यूष के फिंगर प्रिंट से ही इन लॉकर को खोला जाएगा।
इससे पहले पीयूष को गोपनीय जगह रखकर पूछताछ की जा रही थी। कैश और जेवरात के साथ ही कानपुर से लेकर कन्नौज, लखनऊ, गुजरात समेत कई जगह करोड़ों की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। छापेमारी में शामिल इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही एक-एक संपत्ति को वेरिफाई भी कराया जा रहा है कि मौजूदा समय में वहां कौन रहता है और क्या स्थिति है।
अब तक की ये सबसे बड़ी कार्रवाई
बता दें कि कानपुर से मिले 177 करोड़ और कन्नौज से जिस तरह से लगातार पैसा और सोने-चांदी बरामद हो रहे हैं, उससे ये साफ है कि पीयूष जैन के पास से कुल 250 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की रकम बरामद हो सकती है। ये देश में डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की ओर से की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
30 से ज्यादा अधिकारी लगाए गए
कन्नौज में कार्रवाई को अंजाम देने के लिए करीब 30 अधिकारियों को लगाया गया है। ‘रेड’ फिल्म की तरह दीवारों को भी खंगाला जा रहा है। हर तरफ पैसा ही पैसा बरामद हो रहा है। यहां भी घरों में सेफ्टी के पूरे इंतजाम किए गए हैं। लोहे के हैवी दरवाजे लगे हैं। एक-एक दरवाजे में तीन-तीन लॉक लगे हैं। कई दरवाजों को खोलने में टीम को 2 घंटे तक लगे। शनिवार देर रात तक कटर की मदद से 20 ताले काटे जा चुके हैं।
व्यापार छोड़ भागे इत्र कारोबारी
कन्नौज में 2 अन्य इत्र कारोबारियों पर हुई छापेमारी के बाद कन्नौज के इत्र कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। कन्नौज में शनिवार को सुबह से ही ज्यादातर इत्र फैक्ट्रियों में ताले नहीं खुले। कई इत्र कारोबारी अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से अपने सभी कागजों को मजबूत करने में जुटे हैं और कुछ कन्नौज छोड़कर ही निकल गए हैं।
-एजेंसियां

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