पंजाब के DGP ने किया मोहाली रॉकेट हमले के खुलासे का दावा

मोहाली रॉकेट हमले का केस सुलझ गया है, इस संबंध में DGP वीके भावरा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरी जानकारी दी. डीजीपी वीके भावरा ने कहा कि केस का मुख्य आरोपी लखबीर सिंह लांडा है, जो कि गैंगस्टर था. वह साल 2007 में कनाडा चला गया था. ये हरविंदर सिंह रिंदा का गुर्गा है. उन्होंने कहा कि ISI के सपोर्ट से बब्बर खालसा और रिंदा ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था. इस मामले की जांच में पता चला कि निशान सिंह और चढ़त सिंह इनके साथ मिले हुए थे.
डीजीपी के मुताबिक बलजीत कौर और कंवर बाथ ने भी इनको अपने पास ठहराया था. निशान सिंह ने RPG अरेंज किया, उस पर 14-15 केस हैं. बलजिंदर सिंह रैंबो ने AK 47 अरेंज की और चढ़त सिंह को मुहैया करवाई. उन्होंने कहा कि 7 मई को ये लोग मोहाली पहुंचे. इन लोगों ने मोहाली में वेव हाइट्स में रहने वाले जगदीप सिंह कंग को लॉजिस्टिक मुहैया कराई. चढ़त सिंह और कंग ने रेकी की. अब तक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. कंवर बाथ, बलजीत कौर रैंबो, अनंतदीप सोनू, जगदीप कंग, निशान सिंह पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. रॉकेट दो लोगों ने दागा है और वो दोनों अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं. पुलिस और डिफेंस इन्स्टालेशन इन आतंकियों के निशाने पर थी.
डीजीपी के मुताबिक जो रॉकेड था वो रशियन या बुलगारिया में बना हुआ लगता है. आतंकी इस हमले के जरिए पुलिस को एक मैसेज देना चाहते थे. मोहाली में पंजाब पुलिस की खुफिया (इंटेलिजेंस) इकाई के मुख्यालय की बिल्डिंग पर सोमवार की शाम को रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से हमला किया गया था. इस दौरान तेज धमाके की आवाज सुनी गई थी. हमले में बिल्डिंग की दूसरी मंजिल के शीशे टूट गए थे. वहीं हमले के बाद पंजाब पुलिस ने आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी थी. पुलिस ने मोहाली रॉकेट हमले में इस्तेमाल लॉन्चर भी बरामद कर लिया था. यह लॉन्चर संदिग्धों से पूछताछ के बाद बरामद किया गया था.
-एजेंसियां

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