बिजली विभाग की मनमानी से व्यापारी परेशान, दिया ज्ञापन

मथुरा। विद्युत विभाग की मनमानी से परेशान व्यापारियों ने आज मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को एक ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजी०) के जिला अध्यक्ष बलराम शर्मा महानगर अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापति के नेतृत्व में विद्युत विभाग की मनमानी को लेकर दिया गया। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार (लखनऊ) को जिलाधिकारी के माध्‍यम से सौंपे गए ज्ञापन में जनमानस व व्यापारी वर्ग को हो रही भारी परेशानियों के संदर्भ में चिंता व्‍यक्‍त करते हुए समसस्‍याओं का समाधान अतिशीघ्र करने की मांग की गई है।

व्‍यापारी नेताओं ने अनुरोध करते हुए कहा कि आपके शासनकाल में समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखा जा रहा है परंतु अधिकारियों के मनमाने रवैये की वजह से व्यापारियों व उद्योगपतियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जिसमें बिजली विभाग से संबंधित कठिनाइयों से व्यापारी सर्वाधिक पीड़ित हैं।

अत: हमारी समस्याओं का संज्ञान लेकर निस्तारित करने के आदेश पारित करें। बिजली की अघोषित कटौती से व्यापार व उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता सर्वाधिक प्रभावित है। अतः आपसे अनुरोध है कि विद्युत कटौती को सार्वजनिक रूप से घोषित किया जाए तथा रोस्टर बनाकर नियमित सप्लाई रोस्टर अनुसार दिए जाने के आदेश पारित करें तथा मेंटेनेंस का कार्य कटौती के समय करने के आदेश पारित करें जिससे डबल कटौती से आम जनता बच सके।

स्मार्ट मीटर, सामान्य मीटर के मुकाबले अधिक तेज चल रहे हैं स्मार्ट मीटरों की जांच कराकर अधिक की जा रही वसूली पर रोक लगाई जाए।

ओटीएस स्कीम घरेलू , नलकूप व वाणिज्य कनेक्शनों के लिए लाई गई है। कोरोना कॉल से उद्योग धंधे काफी प्रभावित रहे हैं इसलिए औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों को बकाए पर ब्याज की छूट देकर ओटीएस स्कीम लाई जाए जिससे उद्योगों को राहत मिलेगी तथा सरकार के पास भी भारी राजस्व इकट्ठा हो जाएगा, जो इकाइयां बिजली का बिल जमा ना होने के कारण बंद पड़ी हैं, वह पुन: चालू हो जाएंगी। ओटीएस स्कीम में सुधार कर पूरे बकाया को 12 समान किस्तों में वसूल किए जाने के आदेश पारित करें।

अन्य पड़ोसी राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें सर्वाधिक होने के कारण हमारा व्यापार पड़ोसी राज्य को ट्रांसफर हो रहा है जिससे सरकार के राजस्व की भी हानि होती है। अतः आपसे अनुरोध है कि पड़ोसी राज्यों की विद्युत दरों की सर्वे कराकर बिजली की दरों में एकरूपता लाने का प्रयास किया जाए जिससे उत्तर प्रदेश के उद्योग वह व्यापार तरक्की कर सकें।

उत्तर प्रदेश में भारी संख्या में गलत बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं। अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी कार्यालय पर बिल रिवाइज रजिस्टर मेंटेन किया जाए तथा उपभोक्ता के बिल सही किए जाने की समय सीमा तय की जाए।

पूर्व में प्रत्येक ट्रांसफार्मर व बिजली घर पर इनकमिंग आउटगोइंग जांचने के लिए मीटर लगाए गए थे जिससे जेई व एसडीओ प्रतिदिन बिजली खरीद व बिक्री का हिसाब रख सकते हैं, इसलिए किसी भी क्षेत्र में बिजली चोरी पाए जाने पर एसडीओ व जेई की जिम्मेदारी फिक्स की जाए जिससे बिजली चोरी पर तुरंत रोकथाम लगाई जा सकती है।

बिजली के बिलों में सिक्योरिटी राशि दर्ज नहीं की जा रही है सिक्योरिटी राशि को बिजली के बिलों में अंकित कर नियम अनुसार ब्याज दिए जाने के आदेश पारित करें।

सरकार द्वारा नया उद्योग लगाने पर 10 साल तक विद्युत बिल में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 7: 50 प्रतिशत छूट दिए जाने के आदेश किए गए थे। बिजली का कनेक्शन लेते समय सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग में जमा किए जाते हैं इसलिए सभी नए औद्योगिक कनेक्शनों पर स्वतः 7: 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की छूट 10 साल के लिए प्रदान की जाए।

वाणिज्य कनेक्शन से मिनिमम चार्ज समाप्त किये जाएं, घरेलू विद्युत कनेक्शन से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी समाप्त की जाए, सभी ट्रांसफार्मर पर टी पी एम ओ लगाए जाएं जिससे मरम्मत कार्य करते समय पूरे फीडर की सप्लाई बंद ना करनी पड़े सिर्फ उस ही ट्रांसफार्मर जहां बिजली सप्लाई मे फॉल्ट है सिर्फ उसी ट्रांसफार्मर की बिजली बंद की जाए।

ज्ञापन देने वालों में जिले के उपाध्यक्ष प्रदीप अरोड़ा (पार्षद) योगेश अग्रवाल, नेत्रपाल गौतम, महामंत्री जगत बहादुर अग्रवाल, नवीन सोनी, सह महामंत्री राजेश अंदानी अन्य व्यापारी गण उपस्थित रहे।
– Legend News

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