चीन की संसद में हांगकांग पर पकड़ मजबूत करने वाला प्रस्‍ताव पास

बीजिंग। चीन की संसद ने हांगकांग की राजनीति पर पकड़ मजबूत करने वाले प्रस्ताव पर गुरुवार को मुहर लगा दी। इस कदम के जरिये न सिर्फ हांगकांग की चुनाव व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं बल्कि इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बढ़ाने के लिए यहां के चुनावों में जनता की भूमिका भी सीमित कर दी गई है। इससे हांगकांग की विधायिका में लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या सीमित हो जाएगी।
चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में हांगकांग की चुनाव व्यवस्था में बदलाव करने संबंधी प्रस्ताव को शून्य के मुकाबले 2,895 मतों से पारित किया गया। इस प्रस्ताव के पारित होने से बीजिंग समर्थित हांगकांग की चुनाव समिति के अधिकार बढ़ गए हैं। इस समिति को हांगकांग की विधायिका के लिए ज्यादा संख्या में सदस्यों के चयन का अधिकार भी मिल गया है जबकि सीधे जनता द्वारा चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या कम कर दी गई है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार यह समिति 70 सदस्यीय विधायिका के एक तिहाई सदस्यों का चयन कर सकती है। चीन के इस कदम पर अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन समेत दुनिया के कई देशों ने चिंता जताई है। जबकि बीजिंग ने हांगकांग की स्वायत्तता को खत्म करने के आरोपों को दरकिनार करते हुए दावा किया कि इस क्षेत्र की स्थिरता की सुरक्षा के लिए बदलाव जरूरी हैं।
2019 से मजबूत कर रहा पकड़वर्ष 2019 में चीन नियंत्रित हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इन पर अंकुश पाने के लिए ने कई सख्त कदम उठाए गए थे। इसी कवायद में चीन ने अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हांगकांग में गत वर्ष विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया था। इसका अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाड़ा समेत दुनिया के कई देशों ने आलोचना की थी।
ब्रिटेन ने 1997 में सौंपा था हांगकांग
वर्ष 1997 में ब्रिटेन ने चीन को इस शर्त के साथ हांगकांग सौंपा था कि वह इसकी स्वायत्तता और नागरिक अधिकारों को बनाए रखेगा लेकिन बीजिंग लगातार इन शर्तो का उल्लंघन करता जा रहा है।
-एजेंसियां

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