NCERT की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़वा रहे हैं प्रधानाचार्य

लखनऊ। 47 जिलों में संचालित मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं को NCERT की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों से पढ़ाई करवा रहे हैं। इस कारण छात्रों को महंगी किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। मामले की जानकारी होने पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों को ऐसे प्रिंसिपलों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
परिषद ने कक्षा 9 से 12 तक NCERT की किताबें अनिवार्य की हैं। इसके लिए जिन प्रकाशकों को यह किताबें उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत किया है, उनमें से कई प्रकाशक तमाम किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं करवा सके हैं।
इसका फायदा उठाते हुए हरदोई, रायबरेली, बाराबंकी सहित 47 जिलों के मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने निजी मुद्रकों और प्रकाशकों की किताबों से पठन-पाठन कराना शुरू कर दिया। कुछ अधिकृत प्रकाशकों ने इसकी शिकायत परिषद से की। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही के लिए डीआईओएस को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही NCERT की अधिकृत प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि अधिकांश स्‍कूलों में महंगी किताबें दिलवाए जाने के कारण अभिभावक भारी परेशान हैं और तमाम स्‍तर पर शिकायतें भी कर चुके हैं, बावजूद इसके स्‍कूल संचालक मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे। आए दिन इन बातों को लेकर अभिवावकों का स्‍कूल संचालकों से झगड़ा होता रहता है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *