मह‍िला द‍िवस पर राष्ट्रपति ने 5 महिलाओं को दिए नारी शक्ति पुरस्कार

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अपने क्षत्र में उपबल्धि हासिल करने वाली महिलाओं के सम्मान करते हुए उन्हें नारी शक्ति पुरुस्कार से नवाजा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी उनके साथ थीं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट मोहना जीतवाल, अवनी चतुर्वेदी और भावना कंठ को ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ दिया। एथलेटिक्स में अपनी उपलब्धियों के लिए, 103 वर्षीय मान कौर को राष्ट्रपति से ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ प्राप्त हुआ।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बिहार की बीना देवी को ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ प्रदान किया। मशरूम की खेती को लोकप्रिय बनाने के लिए ये पुरुस्कार दिया गया है। उन्हें मशरूम महिला के रूप में जाना जाता है। वह 5 साल के लिए टेटियाबंबर ब्लॉक के धौरी पंचायत की सरपंच थींं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास पर नारी शक्ति पुरस्कार हासिल करने वाली महिलाओं से संवाद कर रहे हैं।

आज पीएम मोदी ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट बारी बारी से महिलाओं को सौंपा। स्नेहा मोहन दास ने सबसे पहला ट्वीट क‍िया , इसके बाद पीएम मोदी के ट्विटर अकाउंट की जिम्मेदारी मालविका अय्यर ने संभाला और उन्होंने अपनी कहानी को साझा किया।

इससे पहले तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अकाउंट से ट्वीट कर रहे थे। उनके साइन ऑफ होते ही। पहली महिला ने उनके अकाउंट से ट्वीट किया। महिला ने ट्वीट करते हुए लिखा आपने भोजन के लिए सोच के बारे में सुना। अब, हमारे गरीबों के बेहरत भविष्य के लिए कार्रवाई का समय है। नमस्कार मैं हूँ @snehamohandoss स्नेहा मोहन दास। मेरी मां से प्रेरित होकर मैंने ये काम शुरु किया, जिन्होंने बेघरों को खाना खिलाने की आदत डाली, मैंने फूडबैंक इंडिया नाम से यह पहल शुरू की। #SheInspiresUs

सोशल मीडिया पर सरकार ने बताई फाल्गुनी की कहानी

सरकार ने ट्वीटर अकाउंट पर गृहिणी फाल्गुनी की कहानी शेयर की ट्वीट में बताया गया कि गृहिणी फाल्गुनी दोषी ने जरूरतमंदों के लिए व्हीलचेयर, वॉकर, अस्पताल के बेड, बैसाखी आदि उपकरणों की आसान पहुंच के लिए एक रास्ता निकाला और उन्हें प्रतिदिन कम से कम Re.1 से लेकर रु 5 तक के लिए किराए पर देना शुरू कर दिया। इस योजना के माध्यम से हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं।

सुजाता साहू आयरन लेडी ऑफ लद्दाख

सुजाता साहू, जिसे ‘लद्दाख की आयरन लेडी भी कहा जाता है, उन्होंने 17000 एजुकेशन के नाम से एक फाउंडेशन की स्थापना की जिसका उद्देश्य लद्दाख के दूरदराज के गांवों के लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। 2014 तक, इस फाउंडेशन ने 50,000 पुस्तकों का दान किया, 15 स्कूलों और अधिक में खेल के मैदान स्थापित किए। #SheInspiresUs

सालों से लोगों की मदद कर रही डॉक्टर दादी

भक्ति यादव जो किसी सरकारी अस्पताल में काम नहीं करती है। उन्हें ‘डॉक्टर दादी’ के नाम से भी जाना जाता है। 91 वर्षीय इंदौर, एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने वाली पहली महिला हैं। वह पिछले 68 सालों से मरीजों का मुफ्त में इलाज कर रही है और इससे हजारों बच्चों को जन्म देने में मदद मिली है। – एजेंसी

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