Gyandeep में प्रतिभा-प्रदर्शनी, अन्तरिक्ष तक कल्पनाओं की उड़ान

मथुरा। गोवर्धन रोड स्थित Gyandeep शिक्षा भारती के विशाल सभागार में विद्यार्थियों ने अध्ययन, प्रतिभा और परिश्रम से भूगर्भ से अन्तरिक्ष तक कल्पनाओं की उड़ान भरते हुए अपने द्वारा निर्मित माॅडल्स की प्रदर्शनी आयोजित की।

प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए Gyandeep के संस्थापक सचिव पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि विद्यार्थियों ने विज्ञान सम्मत मॉडल्स से जहाँ अन्धविश्‍वासों, जल संरक्षण, विद्युत उत्पादन आदि से परिचित कराया है वहीं साहित्यिक-सांस्कृतिक कृतियों से कलात्मक अभिरुचि को प्रदर्शित किया है।

आयोजन के मुख्य अतिथि केन्द्रीय विद्यालय के पूर्व प्राचार्य शिक्षाविद् के0 जी0 माहेश्‍वरी ने प्रदर्शनी अवलोकन के पश्‍चात् कहा कि हिमालय, ज्वालामुखी, चुम्बकीय प्रयोग, जल परिषोधन यंत्र, रोबोट, अंक प्रणाली, ए0टी0एम0 के माॅडल्स के साथ बढ़ते हुए एक मॉडल में ‘ज्ञानदीप विश्‍वविद्यालय‘ की कल्पना द्वारा भावनात्मक अभिव्यक्ति की है।

विशिष्‍ट अतिथि एम्प्राइज एकेडमी के निदेशक सुशील डागुर ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे भविष्‍य में विज्ञान, साहित्य, नाटक, काव्य आदि क्षेत्रों में देष को गौरवान्वित करेंगे।

प्रदर्शनी में आधुनिक भारत, ग्राम श्री, कबीर की साखी, सुमित्रानन्दन पन्त की कृति ‘वे आँखे‘, बच्चन जी की कविता ‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है‘ षहनाई वादक विसमिल्ला खाँ आदि मॉडल्स की सराहना की गई।
ज्ञानदीप की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रीति भाटिया ने शिक्षकशिक्षिकाओं के निर्देशन और छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम के अन्त में मोहन स्वरूप भाटिया ने के. जी. माहेष्वरी तथा सुशील डागुर को स्मृति चिह्न प्रदान किए।

इस अवसर पर उपस्थित दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विष्वास व्यक्त किया कि इन विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्राप्त होता रहा तो वे निष्चय ही यष प्राप्त करेंगे। प्रदर्शनी को सफल बनाने में संदीप कुलश्रेश्ठ, जितेन्द्र कुमार, श्रीमती चन्द्रकला चौधरी, श्रीमती सुषमा सक्सैना, शिवम राठी, योगेन्द्र त्यागी, डा0 नीरज अरोड़ा, धीरेन्द्र सिंह आदि का विषेश योगदान रहा।

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