मथुरा की प्रदूषणकारी इकाइयों के प्रार्थनापत्र pollution control board ने निरस्त किए

pollution control board के अनुसार अब हर हाल में प्रदूषणकारी इकाइयों को शहर से बाहर ले जाना होगा
यमुना में गिरने वाले इन इकाइयों के घातक जल से प्रदूषण का स्‍तर जानलेवा बना हुआ है

मथुरा। शहर की आबादी क्षेत्र में प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों के संचालकों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र को उत्तर प्रदेश pollution control board ने निरस्त कर दिया है इससे आमजन को उम्‍मीद बंधी है कि अब यमुना में जहर का घुलना बंद हो जाएगा।

व्यक्तिगत स्वार्थ में आम जनजीवन ही नहीं यमुना मैय्या के अस्तित्व से खिलवाड़ कर रहे पूर्व विधायक प्रदीप माथुर के कृपा पात्र कांग्रेसी नेता हरीश गर्ग के द्वारा नगरीय क्षेत्र में इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्लांट संचालन की सहमति प्राप्ति हेतु प्रदूषण बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को बोर्ड द्वारा निरस्त कर दिए जाने से अब यमुना में जहर घोलने की संभावना भी समाप्त हो गयी है। किन्तु इसके लिए यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी, रिवर पुलिस व यमुना पुत्रों व भक्तों को सचेत रहना होगा।

ज्ञातव्य है कि स्वार्थी लोगों द्वारा यमुनाजी से खिलवाड़ हेतु निरंतर प्रयास किया जाता रहा है, उक्त षड़यंत्र को निष्फल करने हेतु हिंदूवादी नेता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव पर्यावरण को पत्र लिखकर विभागीय लापरवाही से उच्च न्यायालय की अवमानना का हवाला देकर प्रदूषणकारी इकाइयों को आबादी क्षेत्र से स्थान्तरित न करने पर क़ानूनी व आंदोलनात्मक कार्यवाही करने की चेतावनी भरा पत्र लिखा था। इसका संज्ञान लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अपने पत्र दिनांक २९-०८-२०१८ द्वारा आबादी क्षेत्र में उक्त इकाइयों के संचालन की प्रार्थना को निरस्त कर दिया गया है।

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