अच्‍छे प्रयासों के लिए देशहित में सरकार का साथ दें राजनीतिक दल: जितिन प्रसाद

नई दिल्‍ली। कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने जनसंख्या नियंत्रण पर देशव्यापी बहस की दरकार बताते हुए इस मामले पर कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने आर्थिक प्रगति से लेकर प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव तक का हवाला देकर इस तरफ ठोस कदम उठाने की दरकार बताई। उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर देशहित में फैसले लेने की अपील की।
जनसंख्या नियंत्रण पर कानून लाने की मांग
प्रसाद ने कहा, ‘जनसंख्या नियंत्रण पर देशभर में व्यापक बहस होनी चाहिए। इस पर कानून भी बनाया जाना चाहिए। अगर देश को आगे बढ़ना है तो ठोस कदम उठाने होंगे।’
उन्होंने सरकार से जरूरी कानून लाने की भी मांग की। प्रसाद ने कहा, ‘मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस मुद्दे पर जो भी कानून लाना है, वह लाए।’
डूबती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी का हवाला
अक्सर सधे शब्दों में अपनी राय रखने वाले कांग्रेस नेता ने कहा कि जनसंख्या विस्फोट के कारण ही देश के सामने कई समस्याएं पैदा हुई हैं जो लगातार गंभीर रूप अख्तियार कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘अर्थव्यवस्था डूब रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आबादी को नियंत्रित नहीं किया गया।’
प्रसाद ने प्राकृतिक संसाधनों के बेतहाशा दोहन पर भी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा, ‘पर्यावरण पर प्रभाव, जल संकट, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव भारत में आबादी बढ़ने के परिणाम हैं।’
जितिन प्रसाद ने राजनीतिक दलों से भी इस गंभीर मुद्दे पर एकसाथ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय हित के इस मुद्दे पर हमें राजनीति से ऊपर उठकर एकसाथ काम करना चाहिए।’
पीएम मोदी की अपील पर छिड़ी चर्चा
याद कीजिए, इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि जो छोटा परिवार रख रहे हैं, वह भी एक प्रकार से देशभक्ति कर रहे हैं। उन्होंने परिवार को दो बच्चों तक सीमित रखने की वकालत की थी। पीएम की इस अपील पर देश में जनसंख्या नियंत्रण पर बहस छिड़ चुकी है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी भी इस मुद्दे पर सरकार का साथ देने का मन बना चुकी है।
इससे पहले जयराम रमेश, शशि थरूर और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे दिग्‍गज कांग्रेसी नेताओं ने कहा था कि मोदी के हर काम की निंदा करने से बचना चाहिए।
खुर्शीद ने कहा, अच्‍छे काम तलाशना ‘भूसे के ढेर में सुई’ खोजने जैसा
किंतु अब इन नेताओं के बयानों पर परोक्ष रूप से टिप्पणी करते हुए पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि यदि पीएम मोदी के अच्छे कामों की तलाश की जाए तो ये ‘भूसे के ढेर में सुई’ खोजने जैसा ही होगा।
खुर्शीद ने कहा कि जिस तरह से देश को चलाया जा रहा है, उससे कांग्रेस खासी चिंतित है। उनका यह बयान जयराम रमेश की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी का गवर्नेंस मॉडल पूरी तरह से निगेटिव स्टोरी नहीं है। उन्होंने कहा था कि यदि हम उनके अच्छे कामों को नकारते हुए हमेशा निंदा ही करें तो इससे कोई लाभ नहीं होगा। इसके बाद शशि थरूर और अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कहा था कि पीएम मोदी की उनके सही कामों के लिए प्रशंसा करनी चाहिए।
खुर्शीद ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मेरे दृष्टिकोण से पीएम मोदी ने क्या अच्छा किया, यह तलाशना ऐसे ही है, जैसे भूसे में सुई की खोज की जाए।’
मोदी को लेकर जयराम रमेश और अन्य नेताओं के बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि वह किसी एक नेता को लेकर अपनी बात नहीं कहना चाहते। रमेश पर उन्होंने कहा, ‘उन्होंने वह कहा जो उन्हें कहना था। हर कोई अपनी तरह से चीजों को समझता है और उसका विश्लेषण करता है लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि मेरे लिए पीएम मोदी के बारे में कुछ अच्छा खोजना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा है।’
कांग्रेस को लेकर गांधी परिवार की भूमिका पर खुर्शीद ने कहा कि इस बात में कोई दोराय नहीं है कि फिलहाल पार्टी के लिए यह प्रमुख केंद्र है। 66 वर्षीय नेता ने कहा, ‘बीजेपी क्या कहती है और नतीजे क्या हैं, वह अलग बात है लेकिन हम यह मानते हैं कि उनकी वजह से हमारा मनोबल बढ़ता है।’ पार्टी में आंतरिक कलह को थामने में सोनिया गांधी की भूमिका को लेकर खुर्शीद ने कहा कि निश्चित तौर पर वह पार्टी को मजबूत करने में सक्षम होंगी।
-एजेंसियां

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