कृषि बिल पर हरियाणा में भी सियासी उबाल, सीएम खट्टर से मिले दुष्‍यंत

चंडीगढ़। किसानों से जुड़े बिल पर पंजाब में सियासी उबाल की तपिश हरियाणा में भी महसूस की जा रही है। मोदी कैबिनेट से हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे के बाद अचानक हरियाणा में हलचल बढ़ गई है। चर्चा है कि कांग्रेस के तीखे सवालों के बीच हरियाणा के उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी (जेजीपी) के नेता दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की है।
बताया जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों की शंकाएं दूर करने को कहा है। उन्होंने किसानों के हित को लेकर सीएम से बात की। सूत्रों की मानें तो सीएम और डेप्युटी सीएम के बीच हरसिमरत कौर के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा हुई।
हरियाणा के सीएम ने किसानों को दी सफाई
मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ‘किसानों को भ्रमित करने में बहुत सारी शक्तियां लगी हुई हैं। मैं अपने किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त करता हूं कि MSP और सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी। ये विधेयक वास्तव में किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं।’
हरसिमरत के अचानक इस्तीफे से मची खलबली
आपको बता दें कि संसद में प्रस्तावित कृषि विधेयकों को लेकर एनडीए में फूट पड़ गई है। कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने सरकार से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले लोकसभा में अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने बिल के विरोध में चेतावनी देते हुए ऐलान किया था कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में सरकार से इस्तीफा देंगी। बता दें कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र प्रतिनिधि थीं।
हरसिमरत के इस्तीफे को कांग्रेस ने बताया नाटक
वहीं हरसिमरत के इस्तीफे कांग्रेस ने नाटक बताया था। पार्टी महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा के उप मुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता दुष्यंत चौटाला को भी कम से कम मनोहर लाल खट्टर सरकार से इस्तीफा देना चाहिए। सुरजेवाला ने ट्वीट किया था, ‘अकाली दल को प्रतीकात्मक दिखावे से आगे बढ़ सच के साथ खड़े होना चाहिए। जब किसान विरोधी अध्यादेश मंत्रीमंडल में पारित हुए तो हरसिमरत जी ने विरोध क्यों नही किया? आप लोकसभा से इस्तीफ़ा क्यों नही देते? अकाली दल मोदी सरकार से समर्थन वापस क्यों नही लेता? प्रपंच नही, किसान का पक्ष लें।’
दुष्यंत पर भी सुरजेवाला ने बोला हमला
सुरजेवाला ने दुष्यंत चौटाला का उल्लेख करते हुए कहा, ‘दुष्यंत जी, हरसिमरत के इस्तीफ़े के नाटक को ही दोहरा कर छोटे सीएम के पद से इस्तीफ़ा दे देते। पद प्यारा है, किसान प्यारे क्यों नहीं ? कुछ तो राज है, किसान माफ नहीं करेंगे। जेजेपी, सरकार की पिछलग्गू बन किसान की खेती-रोटी छिनने के जुर्म की भागीदार है।’
-एजेंसियां

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