PMC घोटाला: HDIL के डायरेक्टर्स और लोन डिफॉल्टर गिरफ्तार

मुंबई। पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC) से गलत तरीके से हजारों करोड़ रुपये का लोन हासिल करने वाली कंपनी हाउजिंग डिवेलपमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (HDIL) के डायरेक्टर्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। लोन डिफॉल्ट के आरोपी सारंग वाधवन और राकेश वाधवन को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है।
मुंबई पुलिस के पास दर्ज FIR के मुताबिक बैंक के लगभग आधे संदिग्ध कर्ज राकेश और सारंग वाधवन के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
सूत्रों के मुताबिक जांचकर्ताओं को इसका डर है कि कहीं इस रकम की लॉन्ड्रिंग करके कई चरणों में प्रमोटर पिता-पुत्र के विदेशी खातों में ट्रांसफर तो नहीं की गई है?
मुंबई पुलिस (31 अगस्त 2019 के डेटा के मुताबिक) PMC के लगभग ₹4,635.6 करोड़ रुपये के लोन की जांच कर रही है। FIR के मुताबिक, वाधवन पिता-पुत्र को ₹2,145.8 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की गई थी।
44 लोन अकाउंट 21,049 फर्जी खातों से रिप्लेस
मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले शख्स का आरोप है कि बैंक के अधिकारियों और HDIL ग्रुप के प्रमोटर्स ने मोटी रकम के बकाया वाले 44 लोन अकाउंट को कम इंडिविजुअल बैलेंस वाले 21,049 फर्जी खातों से रिप्लेस कर दिया था। FIR के मुताबिक, ‘21,049 फर्जी खाते असल में बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन में क्रिएट नहीं किए गए थे। इसके बजाय उनका जिक्र आरबीआई के पास जमा कराए गए एडवांसेज मास्ट इंडेंट में किया गया था।’
बैंक की जानकारी में हुआ ‘खेल’
PMC मामले में दर्ज FIR के मुताबिक ‘थॉमस (फार्मर एमडी जॉय थॉमस) सहित कई बैंकिंग एग्जिक्यूटिव्स की पूरी जानकारी में ऐसा किया था। इस तरह बैंक ने डिफॉल्टिंग बॉरोअर्स के असल लोन अकाउंट को छुपाया था, जो डिपॉजिटर्स के हितों के लिए नुकसानदेह था। 31 मार्च, 2019 को बैंक के पास कुल ₹11,617.34 करोड़ रुपये का डिपॉजिट था। सारी कारगुजारी रेग्युलेटर्स के सामने बैंक की अच्छी तस्वीर पेश करने के मकसद से की गई थी।’
-एजेंसियां

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