पश्‍चिम बंगाल में पीएम ने कहा, 2 मई के दिन ममता को मिल जाएगा भूतपूर्व सीएम का सर्टिफिकेट

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जहां पांचवें चरण का मतदान चल रहा है तो वहीं छठवें चरण को लेकर चुनाव प्रचार जोरों पर है। बंगाल में छठवें चरण में बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार रैली कर रहे हैं।
शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर ज़िले के गंगारामपुर में मोदी ने रैली की। इस दौरान मोदी ने कहा कि दीदी की गालियों से मुझे कोई दिक्कत नहीं है। दीदी, आप मुझे जितना कोसना है कोसिए, जितनी गाली देनी हो दीजिए लेकिन कम से कम बंगाल के कल्चर को तो मत भूलिए। देश की जनता, बंगाल की समृद्ध विरासत, यहां के लोगों की वाणी-वर्तन पर गर्व करती है।
’19 मार्च को दीदी ने कहा…’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 19 मार्च को दीदी ने कहा, ‘वो मोदी का चेहरा नहीं देखना चाहती। फिर दीदी ने देश के प्रधानमंत्री की तुलना, लुटेरे, दंगाई, दुर्योधन, दुशासन से कर दी। 20 मार्च को दीदी ने मुझे श्रमिकों का हत्यारा बताया, दंगा करने वाला तक बताया।’
’26 मार्च को दीदी ने कहा…’
मोदी ने कहा कि 26 मार्च को दीदी बोलीं, ‘देश में सिर्फ मोदी की दाढ़ी बढ़ती जा रही है। मोदी के दिमाग के साथ कुछ दिक्कत है, ऐसा लगता है मोदी का कोई स्क्रू ढीला है। 4 अप्रैल को दीदी इस बात पर भड़क गईं कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि क्या मैं भगवान हूं और सुपरह्यूमन हूं।’
’12 अप्रैल को दीदी ने कहा…’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 12 अप्रैल को दीदी ने कहा, ‘जहां मैं जाता हूं, वहां दंगे होने लगते हैं। 13 अप्रैल को दीदी ने फिर से मुझे सबसे बड़ा झूठा कहा, मंदबुद्धि कहा। ये लिस्ट बहुत लंबी है, मैंने कुछ ही गालियां आपके सामने प्रस्तुत की हैं।’
‘…तो आज ये दिन ना देखने पड़ते’
नरेंद्र मोदी ने कहा कि अरे दीदी, ओ दीदी, आपने बंगाल की गरीब जनता को लूटने वाले तोलाबाजों के कान मरोड़े होते, अपने सबसे प्रिय भाइपो से उठक-बैठक कराई होती तो आज ये दिन ना देखने पड़ते।
‘देखिए कि मुझे क्या-क्या सुनना पड़ता है’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आप मुझे बताइए, मुझे चुप रहना चाहिए क्या? जनता की आवाज उठानी चाहिए कि नहीं? बहनों की आवाज उठानी चाहिए कि नहीं? नौजवानों की आवाज उठानी चाहिए कि नहीं? लेकिन जब मैं बोलता हूं तो आप ही देखिए कि मुझे क्या-क्या सुनना पड़ता है।
पश्चिम बंगाल में दीदी के कराबी ने एससी वर्ग के लिए भिखारी का उपयोग किया है। ये बाबा साहेब आंबेडकर, श्री श्री हॉरिचन्द ठाकुर, जोगिंद्रनाथ मंडल, जैसी पुण्य आत्माओं के जीवन संघर्ष का बहुत बड़ा अपमान है।
इससे पहले आज प्रधानमंत्री ने आसनसोल रैली में मतदाताओं को वह सब याद दिलाया जिससे वो सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एकजुट हो जाएं। पीएम ने ममता राज में भेदभाव-पक्षपात से लेकर गुंडागर्दी और विकास की राह में रोड़े डालने तक की चर्चा की और कहा कि बंगाल की जनता ने इस बार ‘दीदी’ को ‘भूतपूर्व मुख्यमंत्री’ का सर्टिफिकेट देने का मन बना लिया है।
जख्मों को कुरेद कर वोटरों को पाले में लाने की कवायद
प्रधानमंत्री ने बंगाल के मतदाताओं का ‘जख्म कुरेदने’ के लिए पिछले पंचायत चुनावों में मनमानी, अनुसूचित जाति के लोगों पर टीएमसी नेता की टिप्पणी, स्पोर्ट्स क्लबों की फंडिंग और विकास कार्यों में भेदभाव जैसे मुद्दों पर काफी लंबा-चौड़ा भाषण दिया। उन्होंने आसनसोल में 2018 में हुए पंचायत चुनाव में हिंसा और भष्टाचार के मामले का जिक्र करते हुए कहा, “2018 के पंचायत चुनाव, पश्चिम बंगाल कभी नहीं भूल सकता। बर्धमान से लेकर, बांकुरा, बीरभूम, मुर्शीदाबाद के लोगों को आज भी याद है कैसे उनके अधिकारों को छीना गया। आप सोचिए, बंगाल में 20 हजार से ज्यादा पंचायतों में सीधे दीदी के तोलाबाजों को निर्वाचित कर दिया गया।”
मोदी ने आगे कहा, “दीदी ने इतना आतंक फैलाया कि एक तिहाई से भी ज्यादा पंचायतों में कैंडिडेट पर्चा तक नहीं भर पाए। हमले के डर से वॉट्सऐप तक पर नॉमिनेशन फाइल करने पड़े। जीत के बाद भी जनप्रतिनिधियों को पड़ोसी राज्यों में शरण लेनी पड़ी। लोकतंत्र के इस अपमान से, लोकतंत्र को इस तरह कमजोर किए जाने से सुप्रीम कोर्ट तक ने नाराजगी जताई।”
ममता ने बंगाल की जनता के साथ विश्वासघात किया: पीएम
मोदी ने ममता बनर्जी पर 10 सालों में विकास के नाम पर आपके साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘विकास के हर काम के आगे दीदी, दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की सुविधा दी, तो दीदी दीवार बन गईं, केंद्र सरकार ने शरणार्थियों की मदद के लिए कानून बनाया, तो दीदी इसका भी विरोध करने लगीं।केंद्र सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति के लिए कानून बनाया, तो दीदी फिर आग बबूला हो गईं।’
2 मई को ममता को मिल जाएगा भूतपूर्व सीएम का सर्टिफिकेट: मोदी
पीएम ने कहा कि दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा चढ़ा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि दीदी की राजनीति सिर्फ विरोध और गतिरोध तक सीमित नहीं है बल्कि दीदी की राजनीति प्रतिशोध की खतरनाक सीमा को भी पार कर गई है। बीते 10 साल में बीजेपी के अनेक कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। पीएम ने कहा कि इस बार बंगाल के वोटर 2 मई को ममता दीदी को भूतपूर्व सीएम का सर्टिफिकेट जारी कर देंगे। उन्होंने ममता से कहा, “(भूतपूर्व सीएम का सर्टिफिकेट) लेकर घूमते रहना।”
-एजेंसियां

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