राम नाम की लूट में पीएम ओली भी हुए शामिल, अब नेपाल में राम मंदिर बनाने का राग छेड़ा

काठमांडू। असली अयोध्या-नकली अयोध्या को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचना का शिकार हुए नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली फिलहाल अपने रुख से पीछे हटते नहीं दिख रहे हैं। यहां तक कि एक कदम आगे जाते हुए उन्होंने नेपाल के माडी में भगवान राम का जन्मस्थान बताते हुए राम मंदिर निर्माण का फैसला किया है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय प्रतिनिधियों को प्लान तैयार करने को कहा है जबकि अधिकारियों का मानना है कि पहले वहां के लोगों की असल समस्याएं हल की जाएं, उसके बाद राम मंदिर बनवाया जा सकता है। इससे पहले 5 अगस्त को भारत में पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी थी।
‘माडी ही भगवान राम का जन्मस्थान’
चितवन के माडी के नगर निकाय अधिकारियों को ओली ने फोन करके शनिवार को बुलाया था। दो घंटे चली बैठक के दौरान ओली ने उनसे कहा कि नेपाल में राम मंदिर बनना चाहिए। ओली ने इस दौरान दावे से कहा कि भगवान का राम नेपाल की अयोध्यापुरी में हुआ था। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत करके वहां मौजूद ऐतिहासिक सबूतों को संरक्षित करने के लिए कहा। इसके साथ ही और सबूत जुटाने के लिए अयोध्यापुरी में खुदाई का निर्देश भी दिया है।
‘बनना चाहिए राम मंदिर’
इस दौरान ओली ने कहा कि अयोध्यापुरी भगवान राम का जन्मस्थान है और यहां भव्य राम मंदिर बनना चाहिए। माडी के मेयर ठाकुर प्रसाद धकाल ने स्थानीय मीडिया केसे सूत्रों से इस बारे में पुष्टि की है। उन्होंने बताया है कि पीएम ने माडी का नाम अयोध्यापुरी करने की सलाह भी दी है जिसके लिए नगर निकाय परिषद की राय पर फैसला किया जाएगा। पीएम ने आश्वासन दिया है कि अयोध्यापुरी को ऐतिहासिक और धार्मिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के लिए जमीन दी जाएगी। उन्होंने राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्तियों का निर्माण करने के लिए भी कहा है।
‘पहले सुलझे छत का मुद्दा’
इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने सेना द्वारा चितवन नेशनल पार्क में चेपांग समुदाय के लोगों के घर जला दिए थे। धकाल ने साफ कहा कि जब तक चेपांग लोगों के लिए छत की व्यवस्था नहीं हो जाती, राम मंदिर निर्माण का कोई मतलब नहीं है। इसके जवाब में ओली ने कहा कि वन मंत्रालय इस पर स्टडी कर रहा है और मंत्री परिषद कार्यालय क टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है।
किया था दावा, भारत में नकली अयोध्या
बता दें कि पिछले महीने ओली ने दावा किया था कि भारत ने सांस्कृतिक अतिक्रमण के लिए नकली अयोध्या का निर्माण किया है जबकि असली अयोध्या नेपाल में है। ओली ने तर्क दिया कि अगर भारत की अयोध्या वास्तविक है तो वहां से राजकुमार शादी के लिए जनकपुर कैसे आ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि विज्ञान और ज्ञान की उत्पत्ति और विकास नेपाल में हुआ। उनके इस बयान पर न सिर्फ भारत बल्कि नेपाल में भी उनकी खूब आलोचना हुई थी।
-एजेंसियां

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