लोकसभा चुनाव 2019 में पीएम मोदी के प्रस्तावक रहे डोमराजा का निधन

वाराणसी। 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के प्रस्तावक रहे डोमराजा जगदीश चौधरी का मंगलवार की सुबह निधन हो गया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मीरघाट स्थित पैतृक आवास पर उनके अंतिम दर्शन को लोगों पहुंच रहे है।
2019 के लोकसभा चुनाव में जगदीश चौधरी पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक भी बने थे। पहली बार ऐसा हुआ था जब किसी राजनैतिक दल ने डोम राजा परिवार के सदस्य को चुुनाव में प्रस्तावक बनाया था। तब जगदीश चौधरी ने इस बात को लेकर खुशी का भी इजहार किया था। प्रस्तावक बनाए जाने के बाद उन्होंने कहा था, ‘पहली बार किसी राजनीतिक दल ने हमें यह पहचान दी है और वह भी खुद प्रधानमंत्री ने। हम बरसों से लानत झेलते आए हैं। हालात पहले से सुधरे जरूर हैं, लेकिन समाज में हमें पहचान नहीं मिली है और प्रधानमंत्री चाहेंगे तो हमारी दशा जरूर बेहतर होगी।’
घर पर लोगों का जमावड़ा
डोमराजा जगदीश चौधरी के निधन के बाद मीरघाट स्थित उनके आवास पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। आमजन से लेकर राजनैतिक पार्टी के लोगों के उनके घर पहुंचने का सिलसिला जारी है।
पुराना है डोमराजा का इतिहास
काशी में डोमराजा परिवार का इतिहास सदियों पुराना है। मशहूर मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र श्मशान घाट पर वर्षों से इनके ही परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए मुखाग्नि देते हैं। काशी में करीब पांच हजार लोग इनकी बिरादरी से जुड़े हैं। वाराणसी के हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर ‘राम नाम सत्य है’ का उद्घोष, जलती चिताएं और दर्जनों की तादाद में डोम यहां की पहचान रहे हैं। पौराणिक गाथाओं के अनुसार राजा हरिश्चंद्र ने खुद को श्मशान में चिता जलाने वाले कालू डोम को बेच दिया था। उसके बाद से डोम बिरादरी का प्रमुख यहां डोम राजा कहलाता है। चिता को देने के लिए मुखाग्नि उसी से ली जाती है।
-एजेंसियां

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