कोरोना प्रबंधन को लेकर पीएम मोदी ने वाराणसी के चिकित्सकों से की बात, जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी

वाराणसी। पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में वाराणसी के चिकित्सकों से बातचीत की है। वाराणसी में प्रधानमंत्री ने कोरोना प्रबंधन को लेकर सीएम योगी और प्रशासनिक अफसरों की तारीफ की है। पीएम इस बातचीत के दौरान भावुक हो गए और उन्होंने कोरोना के कारण जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। चिकित्सकों को श्रद्धांजलि देते वक्त पीएम के आंसू छलक गए और उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का योगदान सराहनीय है।
प्रधानमंत्री ने वाराणसी में ब्रिगेडियर एस बवेजा (डीआरडीओ अस्पताल, प्रमुख, वाराणसी), प्रोफेसर के के गुप्ता (मेडिकल सुपरिटेंडेंट, BHU अस्पताल), डॉ. प्रसन्न कुमार (मंडलीय चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल) और डॉ. असीम मिश्रा (चिकित्सा अधीक्षक, होमी भाभा अस्पताल, वाराणसी) से बातचीत की।
इस बातचीत में पीएम ने कहा, ‘इस वायरस ने हमारे कई अपनों को हमसे छीना है। मैं उन सभी लोगों को अपनी श्रद्धांजलि देता हूं, उनके परिजनों के प्रति सांत्वना व्यक्त करता हूं।’
वाराणसी के ऑक्सीजन प्रबंधन की तारीफ
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं काशी का एक सेवक होने के नाते हर एक काशीवासी का धन्यवाद देता हूं। विशेष रूप से हमारे डॉक्टर्स ने, नर्सेस ने, टेक्निशंस, वॉर्ड बॉयज़, एम्बुलेंस ड्राइवर्स, आप सभी ने जो काम किया है, वो वाकई सरहनीय है पीएम ने कहा कि बनारस ने जिस स्पीड से इतने कम समय में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड्स की संख्या कई गुना बढ़ाई है, जिस तरह से इतनी जल्दी पंडित राजन मिश्र कोविड अस्पताल को सक्रिय किया है, ये भी अपने आपमें एक उदाहरण है।
पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों पर ध्यान देने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने डॉक्टरों से आगे कहा कि आपके तप से, और हम सबके साझा प्रयासों से महामारी के इस हमले को आपने काफी हद तक संभाला है लेकिन अभी संतोष का समय नहीं है। हमें अभी एक लंबी लड़ाई लड़नी है। अभी हमें बनारस और पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों पर भी बहुत ध्यान देना है।
ग्रामीण इलाकों में दवा बांटना अच्छी पहल
पीएम मोदी ने कहा कि ‘जहां बीमार वहीं उपचार’, इस सिद्धांत पर माइक्रो-कंटेनमेंट ज़ोन बनाकर जिस तरह आप शहर एवं गावों में घर घर दवाएं बांट रहे हैं, ये बहुत अच्छी पहल है। इस अभियान को ग्रामीण इलाकों में जितना हो सके, उतना व्यापक करना है। पीएम ने कहा कि हमारी इस लड़ाई में अभी इन दिनों ब्लैक फंगस की एक और नई चुनौती भी सामने आई है। इससे निपटने के लिए जरूरी सावधानी और व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।
-एजेंसियां

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